-एनसीईआरटी की बुक्स को भटक रहे यूपी बोर्ड के स्टूडेंट्स

-सरकार की पॉलिसी से बुक्स रखने से परहेज कर रहे बुक सैलर

आगरा. यूपी बोर्ड में एनसीईआरटी की बुक्स को पूरी तरह लागू करने का सरकार का दावा इस बार भी फेल साबित हो रहा है. बुक्स के लिए स्टूडेंट्स मार्केट में भटकने को मजबूर हैं, लेकिन शासनस्तर से व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं. शासन की ओर से हर बार एनसीईआरटी की बुक्स को लागू करने का प्लान तैयार किया जाता है. इस बार भी सत्र शुरू होने से पहले डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने सख्ती के साथ पब्लिशर्स को एनसीईआरटी बुक्स रखने के निर्देश जारी किए थे, जिसकी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सौंपी गई.

स्टूडेंट्स की पढ़ाई हो रही प्रभावित

उत्तर प्रदेश बोर्ड में एनसीईआरटी बुक्स को लागू करने के निर्देश शासन द्वारा दिए गए हैं. इस संबंध में अधिकारियों को पत्र के माध्यम से व्यवस्था लागू करने के आदेश दिए गए हैं. कॉलेज प्रबंधन ने बुक्स की लिस्ट स्टूडेंट्स और उनके पेरेंट्स को थमा दी है, जिसे लेकर वह बुक सेलर्स के चक्कर लगा रहे हैं. स्टूडेंट्स का कहना है कि मार्केट में साइंस, मैथ और इंग्लिश की बुक्स पूरी तरह गायब हैं. इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है.

सस्ती बुक्स पर कम कमिशन

एनसीईआरटी की बुक्स का मार्केट से गायब होने का एक यह भी कारण है कि शासन की ओर से बुक्स के रेट अन्य बुक्स की अपेक्षा बहुत कम रखे गए हैं. इससे बुक सेलर्स को मनमाफिक कमीशन नहीं मिल पा रहा है. पचास रुपए की बुक्स पर मात्र चार रुपये कमीशन है. इसके साथ खराब या फटी बुक्स की कोई वापसी नहीं है. ऐसे में बुक सेलर्स एनसीईआरटी की बुक्स रखने से परहेज करते हैं.

बुक्स के साथ लेनी होगी गाइड भी

मार्केट में कई ऐसे बुक सेलर्स हैं जो कुछ एक एनसीईआरटी की बुक्स रखते हैं. लेकिन वह स्टूडेंट्स को जबरन बुक्स के साथ गाइड भी खरीदने पर जोर दे रहे हैं. इसके एवज में मोटी रकम भी वसूली जा रही है. कई बार बुक सेलर और स्टूडेंट्स के बीच नोकझोंक हो जाती है. नाम नहीं बताने के शर्त पर एक बुक सेलर ने बताया कि एनसीईआरटी बुक्स के साथ बड़े लेवल पर गाइड थमाई जाती है.

एनसीईआरटी की बुक्स को लागू किया गया है, अगर कोई अधिक शुल्क वसूलता है तो मामला संज्ञान में आने पर कार्यवाई की जाएगी.

रविन्द्र कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक

शासन की ओर से हर बाद एनसीईआरटी बुक्स को कॉलेजों में लागू करने का दावा किया जाता है. लेकिन, हर बार अव्यवस्था के चलते स्टूडेंट्स को समय पर बुक्स मुहैया नहीं हो पाती है.

डॉ. भोजकुमार शर्मा, प्रान्तीय मंत्री माध्यमिक शिक्षक संघ

कॉलेज में बुक्स लाने के लिए कहा जाता है, लेकिन मार्केट में एनसीईआरटी की विज्ञान और गणित की बुक्स नहीं हैं. काफी परेशानी हो रही है.

अभिषेक कुमार, छात्र

सरकार द्वारा क्लास नौ से 12 तक एनसीईआरटी की बुक्स से पढ़ाई करने के आदेश जारी किए हैं, जिससे छात्र-छात्रों को आर्थिक राहत मिल सके. लेकिन, बुक्स नहीं मिलने से समस्या पैदा हो रही है.

कीर्ति सिंह, अभिभावक

एनसीईआरटी की बुक्स को पूरी तरह लागू करने के लिए सरकार को सख्त कदम उठाने होंगे. इससे स्टूडेंट्स और उनके पेरेंट्स को आर्थिक रूप से राहत मिलेगी.

निधि श्रीवास्तव, शिक्षिका