-नियमों के बदलाव से फर्जी यात्रियों पर कसेगी लगाम

-रेलवे दलालों का नेक्सेस तोड़ने के लिए उठा रहे कदम

GORAKHPUR: ट्रेन में सफर करने के दौरान फर्जीवाड़ा नहीं चलेगा. पीएनआर पर टिकट बुक कराने वाले सभी पैसेंजर्स को आईडी प्रूफ साथ रखना जरूरी होगा. आमतौर पर एक पीएनआर पर टिकट बुक कराने वाले का परिचय पत्र देखकर कोच कंडक्टर सबके नाम पर टिक लगा देते हैं, लेकिन नए साल में इस की चेकिंग नहीं हो सकेगी. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि फर्जीवाड़ा रोकने के लिए इस तरह के कदम उठाए जा रहे हैं. कई बार किसी पैंसेजर की यात्रा की कैंसिल पर लोग उसकी जगह किसी अन्य व्यक्ति को सफर में साथ लेकर चल देते हैं. इस नई व्यवस्था से रेलवे में टिकट दलालों का नेक्सेस भी प्रभाि1वत होगा.

स्लीपर कोच में अनिवार्य हाेगी चेकिंग

रेलवे में एक पीएनआर पर छह पैंसेजर का टिकट बनाने की सुविधा है. ई-टिकट लेकर चलने वाले पैंसेजर्स का आईडी प्रूफ चेक करने का नियम है. जल्दबाजी या सहूलियत में कोच कंडक्टर कभी-कभार किसी व्यक्ति की आईडी चेक कर लेते हैं. अन्य यात्रियों के बारे में कोई पूछताछ किए बिना वह आगे बढ़ जाते. एसी कोच से लेकर स्लीपर तक में इस तरह से चेकिंग कर कोच कंडक्टर अपनी ड्यूटी पूरी कर लेते हैं. इस लापरवाही का बेजा फायदा उठाते हुए लोग कई बार दूसरे के नाम से बुक टिकट पर यात्रा कर लेते हैं. इस फर्जीवाड़े पर लगाम कसने के लिए रेलवे हर पैंसेजर का टिकट चेक करने व्यवस्था बना रहा है. रेलवे से जुड़े लोगों का कहना है कि यह व्यवस्था एसी और स्लीपर कोच के यात्रियों पर समान रुप से लागू होगी.

क्या करने जा रहे बदलाव

-यात्रा के दौरान फर्जीवाड़ा रोकने को लिए उठाया जा रहा कदम

-एक पीएनआर के हर पैंसेजर का आईडी प्रूफ चेक होगा.

-काउंटर टिकट होने पर भी पैंसेजर को अपना परिचय पत्र दिखाना होगा.

-ई टिकट होने पर अनिवार्य रूप से सभी यात्रियों के आईडी प्रूफ जांचे जाएंगे.

-एसी के साथ-साथ स्लीपर कोच में भी यह व्यवस्था समान रूप से लागू की जाएगी.

-परिचय पत्र के रूप में आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट जैसे विकल्प साथ रखने होंगे.

वर्जन

कई बार दूसरे के नाम पर दूसरे लोग यात्रा करते हैं. सभी पैंसेजर्स का आईडी प्रूफ चेक होने से इस तरह के फर्जीवाड़ों को रोकने में मदद मिलेगी. चेकिंग के दौरान कोच कंडक्टर सिर्फ औपचारिकता पूरी नहीं कर सकेंगे.

-सीपी चौहान, पीआरओ, एनईआर