चौकी इंचार्ज बम्हरौली समेत सात सिपाहियों को आई चोटें, मरियाडीह में हुई घटना

PRAYAGRAJ: पशु क्रूरता अधिनियम के वांटेड नूरैन को पकड़ने मरियाडीह गांव पहुंची पुलिस टीम पर शनिवार दोपहर महिलाओं व ग्रामीणों ने हमला बोल दिया. दो सिपाहियों को कमरे में बंद कर जमकर पिटाई की. इससे पुलिस को बैकफुट पर आना पड़ गया. इस बीच आरोपित भाग निकला. खबर मिलते ही धूमनगंज सहित करेली थाने की फोर्स भी जा पहुंची. गांव के संभावित घरों में तलाशी ली गई. मगर, आरोपित कहीं पर भी नहीं मिला. उसकी तलाश में देर रात तक पुलिस दबिश देने में जुटी रही. घायल चौकी इंचार्ज बम्हरौली सहित सात सिपाहियों को पुलिस ने मेडिकल के लिए अस्पताल भेज दिया.

घायलों का कराया गया मेडिकल

धूमनगंज थाना क्षेत्र के मरियाडीह गांव निवासी नूरैन पुत्र झरीउल्ला व मोमिन उर्फ दानिश पुत्र जाहिद के खिलाफ सात मार्च को गोवध अधिनियम व पशु क्रूरता की रिपोर्ट दर्ज हुई थी. पुलिस मोमिन को जेल भेज चुकी है. नूरैन अब तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है. शनिवार दोपहर चौकी इंचार्ज बम्हरौली नित्यानन्द सिंह को मुखबिर से नूरैन के घर में होने की सूचना मिली. इस पर चौकी इंचार्ज, सिपाही कृष्णानन्द, दीपक भारद्वाज, दीपक कुमार समेत कुल सात लोगों की फौज लेकर नूरैन के घर जा पहुंचे.

महिलाओं ने की हमले की अगुवाई

पुलिस को देखकर गांव के लोग तैश में आ गए. उन्होंने पुलिस पर हमला बोल दिया. अगुवाई महिलाएं कर रही थीं. उन्होंने दो सिपाहियों को खींचकर कमरे में बंद कर दिया और जमकर खबर ली. हमले में सातों सिपाहियों को काफी चोटें आई. आरोप है पुलिस को खदेड़ रहे हमलावरों ने कई राउंड फायरिंग भी की.

अफसर आए सन्नाटे में

पुलिसवालों की पिटाई की खबर से अफसर सन्नाटे में आ गए. आनन फानन में धूमनगंज व करेली थानों से फोर्स मौके पर भेज दी गयी. घायल पुलिसकर्मियों को मेडिकल के लिए काल्विन भेजा गया. इसके बाद पुलिस ने मरियाडीह के कई घरों में तलाशी ली लेकिन नूरैन का कुछ पता नहीं चला.

पुलिस पर मारपीट व तोड़फोड़ का आरोप

नूरैन के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया है. उनका कहना था कि पुलिस ने महिलाओं व बच्चों की भी मारापीटा. इससे आक्रोशित होकर महिलाएं व ग्रामीण विरोध करने लगे. ग्रामीणों के विरोध पर पुलिस वालों ने दरवाजे पर खड़ी कई बाइक को तोड़ दिया. पुलिस वालों ने घर में घुस कर तांडव किया. आरोप तो यहां तक है कि पुलिस ने वृद्ध महिलाओं को भी पीटा है.

वांछित आरोपित नूरैन को पकड़ने गई पुलिस टीम पर उसके परिवार की महिलाएं व पुरुष और कुछ ग्रामीणों ने हमला बोल दिया. इससे चौकी इंचार्ज सहित सात सिपाहियों को चोटें आई हैं. सभी का मेडिकल कराया गया है. पुलिस द्वारा मारपीट व तोड़फोड़ के लगाए जा रहे आरोप गलत हैं. पेशबंदी में ऐसा कह रहे हैं. हमलावरों पर रिपोर्ट दर्जकर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

-आशुतोष मिश्र,

एसपी क्राइम प्रयागराज