-फिरौती के लिए डॉक्टर को किडनैप कर भाग रहे थे कार सवार बदमाश

-मुठभेड़ में दो बदमाशों को लगी गोली, दो को घेरकर पुलिस ने दबोचा

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PRAYAGRAJ: एक डॉक्टर को किडनैप कर भाग रहे कार सवार बदमाशों की रविवार भोर दहियावां लोहनपुर रोड पर पुलिस की मुठभेड़ हो गई. इस दौरान एक गोली भाग रहे दो बदमाशों के पैर में जा लगी. जबकि फायरिंग करते हुए भाग रहे दो अन्य बदमाशों को पुलिस ने घेरकर दबोच लिया. डॉक्टर का नाम डॉ. चंद्रगुप्त मौर्य है. वह होलागढ़ के दहियावां क्षेत्र में अपनी क्लीनिक चलाते हैं. बदमाशों ने डॉक्टर के फैमिली मेंबर्स को फोनकर 30 लाख फिरौती मांगी थी, जिसे घटाकर बाद में पांच लाख कर दिया था. घायल किडनैपर्स को एसआरएन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. जबकि डॉक्टर को पुलिस ने सुरक्षित उनके घर पहुंचा दिया.

सूचना पाकर सहम गया साला

डॉ. चंद्रगुप्त मौर्य पुत्र सत्यनारायण मौर्य मूलरूप से प्रतापगढ़ जिले के कुंडा स्थित बछरौली के निवासी हैं. होलागढ़ क्षेत्र के दहियावां में उनका नामी क्लीनिक है. बताते हैं कि शनिवार रात वह क्लीनिक बंदकर बाइक से घर बछरौली जा रहे थे. रास्ते में कार सवार बदमाशों ने उन्हें किडनैप कर लिया. किडनैपर्स ने चंद्रगुप्त के मोबाइल से ही उनके साले के पास फोन किया. बदमाशों ने साले से 30 लाख रुपए की फिरौती की मांगी की. यह सुनकर वह सहम गया और जानकारी जीजा चंद्रगुप्त के घर दिया.

फैमिली ने डायल 100 को दी सूचना

खबर मिलते ही परिवार के लोग दहशत में आ गए. तत्काल घटना की सूचना डायल 100 को दी. खबर मिलते ही डायल 100 और होलागढ़ थाना इंस्पेक्टर वीरेंद्र प्रताप सिंह फोर्स के साथ एक्टिव हो गए. होलागढ़ पुलिस किडनैपर्स की तलाश कर ही रही थी कि सोरांव इंस्पेक्टर एके चतुर्वेदी व बाघराय एसएचओ भी मदद में जा पहुंचे. करीब घंटे भर बाद बदमाशों ने फिर फिरौती के लिए फोन किया. इस बार परिजनों ने 30 लाख रुपए दे पाने में असमर्थता जताई. यह सुन बदमाशों ने फिरौती की रकम घटाकर पांच लाख रुपए कर दी. पुलिस के कहने पर परिजन पांच लाख रुपए की डिमांड मान लिए.

बार-बार चेंज की लोकेशन

बदमाशों ने पैसा लेकर परिजनों को पहले आनापुर रेलवे क्रासिंग पर बुलाया. उनके पीछे-पीछे पुलिस भी चल रही थी. परिजन क्रॉसिंग पर पहुंचे तो बदमाशों ने लोकेशन चेंज बाघराय आने को कह दिया. बाघराय में पुलिस को यह पता चल गया कि बदमाश कार से हैं. इसी कार में बदमाशों के साथ अपहृत डॉक्टर चंद्रगुप्त भी हैं. इसके बाद बदमाशों ने एक बार फिर लोकेशन चेंज कर दी. इस बार उन्होंने परिजनों को पैसे लेकर दहियावां बुला लिया. तब तक भोर के करीब पांच बज चुके थे. परिजन पैसा लेकर उनके बताए स्थान दहियावां किला के पास लोहनपुर रोड पर जा पहुंचे. रोड पर सुनसान जगह पैसा लेने के लिए बदमाश कार से नीचे उतर गए. कार से बदमाशों के उतरते ही पुलिस ने उन्हें घेर लिया. यह देख किडनैपर्स पुलिस टीम पर फायरिंग करने लगे.

गोली लगते ही गिरे नीलेश व हेमंत

बदमाशों की फायरिंग के जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस के फायरिंग करने पर बदमाश भागने लगे. इस दौरान भाग रहे बदमाश नीलेश कुमार पुत्र रामबहादुर सिंह निवासी सकरदहा थाना बाघराय व हेमंत तिवारी पुत्र अवधेश तिवारी निवासी कमासिन थाना बाघराय के पैर में पुलिस की गोली लग गई. गोली लगने से दोनों घायल होकर वहीं गिर पड़े. गिरते ही पुलिस ने दोनों को दबोच लिया. यह देख दोनों के साथ प्रदीप मिश्र पुत्र राजेश्वर प्रसाद मिश्र निवासी ढूकुरपुर थाना बाघराय व विनय पांडेय पुत्र विनोद पांडेय निवासी कुर्रही थाना बाघराय बाग की ओर भागने लगे. पुलिस ने घेरकर इन दोनों को दबोच लिया. पकड़े गए इन दोनों बदमाशों के पास से पुलिस को दो तमंचा व कारतूस मिले हैं.

 

डॉक्टर को हाथ-पांव बांधकर बैठाया था

किडनैपर्स को काबू करने के बाद बदमाशों ने गाड़ी की तलाशी ली. बदमाशों ने डॉ. चंद्रगुप्त को कार में हाथ-पांव बांधकर बैठा रखा था. पूछताछ में पता चला कि अपहरण के बाद बदमाशों ने डॉॅ. चंद्रगुप्त की बाइक दहियावां किला के पीछे छुपा दी थी. डॉॅ. चंद्रगुप्त के पास मौजूद एक मंगल सूत्र भी पुलिस ने बरामद किया. बदमाशों ने पुलिस को बताया कि नीलेश उनकी क्लीनिक पर इलाज करा चुका है. क्लीनिक पर उमड़ने वाली भीड़ से उसने अंदाजा लगा लिया था कि डॉ. चंद्रगुप्त के पास काफी पैसे हैं. इसलिए चारों ने उन्हें किडनैप कर फिरौती वसूलने का प्लान बनाया था.

वर्जन

फिरौती के लिए डॉक्टर का अपहरण किया गया था. बदमाशों की तलाश में पूरी रात पुलिस की टीम लगी रही. कार से चाकू भी बरामद की गई है. दो बदमाश पुलिस की गिरफ्त में हैं, जबकि दो घायल बदमाशों को एसआरएन में भर्ती कराया गया है.

नरेंद्र सिंह

एसपी गंगापार

मुठभेड़ के बाद युवराज को बचाया था

गौरतलब है कि मई माह में पुलिस ने किडनैपर से मुठभेड़ के बाद कॉन्ट्रैक्टर के बेटे युवराज को बचाया था. उक्त घटना में शामिल किडनैपर पूर्व में कॉन्ट्रैक्टर के घर ड्राइवरी करता था. बाद में नौकरी से निकाले जाने पर उसने कॉन्ट्रैक्टर के बेटे को किडनैप कर फिरौती मांगी थी. वह युवराज को कार से लेकर भाग रहा था, जिसका पीछाकर पुलिस ने हंडिया में उसे घेर लिया था. पुलिस से घिरने के बाद उसने खुद को गोली मार ली थी.