- एनएचबी रेजीडेक्स के सर्वे में हुआ खुलासा

- 26 शहरों में हुए सर्वे से किया गया आंकलन

- प्रॉपर्टी के दाम घटने के कई माने जा रहे हैं कारण

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Meerut : मेरठियों और रियल एस्टेट से जुड़े लोगों के लिए ये खबर बिल्कुल भी अच्छी नहीं है. पिछले एक साल में मेरठ में प्रॉपर्टी के रेट में क्फ् फीसदी तक गिरावट आ गई है. ये खुलासा एनएचबी रेजीडेक्स : रेजिडेंशियल हाउसिंग प्राइस इंडेक्स के सर्वे में खुलासा हुआ है. सर्वे में इस गिरावट को अब तक की सबसे बड़ी गिरावट माना है. वहीं मेरठ में इस सर्वे को लेकर मिला-जुला रिस्पांस मिला है. मेरठ से रियल सेक्टर के जानकारों ने इस गिरावट के पीछे कई कारण भी बताए हैं..

मेरठ में सबसे बड़ी गिरावट

पिछले कुछ सालों में रियल एस्टेट को सबसे सेफ और प्रॉफिटेबल इंडस्ट्री माना जाता रहा है. इन्वेस्टमेंट के लिहाज से भी इस इंडस्ट्री को कभी घाटे का सौदा नहीं माना गया. मल्टी नेशनल कंपनी में एनुअली लाखों रुपए कमाने वाले इन्वेस्टमेंट के लिहाज से सबसे अच्छी इंडस्ट्री मानते हैं, लेकिन शायद अब ये मिथक टूट जाए. इसका कारण ये है कि एनसीआर क्षेत्र के मेरठ सिटी में प्रॉपर्टी के रेट में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट देखने मिली है. ये गिरावट कोई छोटी बड़ी नहीं पूरे क्फ्.म् फीसदी की गिरावट है. ये मेरठ में रियल एस्टेट इंडस्ट्री के लिए सबसे बड़ा झटका है.

मेरठ के साथ ये शहर भी

ये एनएचबी रेजीडेक्स : रेजिडेंशियल हाउसिंग प्राइस इंडेक्स के सर्वे में खुलासा हुआ है. वैसे मेरठ के साथ और भी इस गिरावट की मार झेल रहे हैं. पटना में म्.7 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है. वहीं इंदौर तो पटना से भी आगे निकलते हुए 7.ख् फीसदी की गिरावट पर आ गया है. इसी फेहरिस्त में दिल्ली, जयपुर, कोच्ची, भोपाल और लुधियाना जैसे शहर भी शामिल हैं. अगर बात उन शहरों की करें, जिनकी रेजीडेंशियल प्रॉपर्टी में इजाफा हुआ है तो इसमें लखनऊ ब्.म् फीसदी और देहरादून ब्.ख् फीसदी प्रमुख है. वहीं सूरत, कोलकाता ओर मुंबई जैसे शहरों में प्रॉपर्टी के रेट में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है.

ये है शहरों की स्थिति

सिटी गिरावट

पटना म्.7

इंदौर 7.ख्

मेरठ क्फ्.म्

सिटी बढ़त

लखनऊ ब्.म्

देहरादून ब्.ख्

ये हैं कारण

मेरठ में प्रॉपर्टी के रेट गिरने के कारणों की बात करें तो बहुत मिल जाएंगे. जब इस बारे में मेरठ से जुड़े रियल एस्टेट के कारोबारियों से बात हुई तो उन्होंने भी इस मुद्दे पर खुलकर बातचीत की. साथ ही कारण भी बताए..

क्. डिमांड से सप्लाई ज्यादा : रियल एस्टेट इंडस्ट्री में पिछले कुछ सालों में जबरदस्त बूम देखने को मिला है. नोएडा और गाजियाबाद में जमीन की कीमत और कुछ ज्यादा होने के कारण बिल्डर्स ने मेरठ को एक नए बाजार के रूप में डेवलप किया. जानकारों की मानें तो शुरुआती दौर में डिमांड ज्यादा और सप्लाई कम थी, क्योंकि इस सेक्टर में मेरठ में कम लोग थे. एक समय ऐसा भी आया कि डिमांड और सप्लाई बराबर हो गई. जब मेरठ में इस सेक्टर में लोगों के ज्यादा आने और अधिक से अधिक मकान बनने से डिमांड कम और सप्लाई जाने से ये नौबत आ गई. साथ कॉम्पटीशन होने से बिल्डर्स ने अपने रेट को भी कम किए.

ख्. विवादित जमीन : दिल्ली एनसीआर में अगर विवादित लैंड के मामलों की बात की जाए तो मेरठ अव्वल होगा. विकास प्राधिकरण के किसानों के साथ ख्0 साल बीत जाने के बाद भी नहीं सुलझ पाए हैं. जिसकी वजह से कई रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स अधर में अटके हुए हैं. वहीं कई ऐसे प्राइवेट बिल्डर्स हैं, जिन्होंने बिना प्राधिकरण के अप्रूव्ड कराए कॉलोनी बना दी. प्राधिकरण की लिस्ट में ऐसी क्भ्0 से अधिक कॉलोनीज हैं.

बसावट न होना : मेरठ के पुराने शहर की बात छोड़ दें तो विकास प्राधिकरण की कॉलोनीज हों या फिर प्राइवेट कॉलोनीज, बसावट उस अनुपात में नहीं है. जिस अनुपात में होनी चाहिए. लोहिया नगर, वेदव्यासपुरी, शताब्दी नगर, मेरठ बाइपास के प्रोजेक्ट्स में जितने मकान हैं, उनमें से अधिकतर खाली हैं.

बेसिक सुविधाओं का अभाव : मेरठ जैसे शहर में बेसिक सुविधाओं का अभाव होना भी एक बड़ा कारण है. सड़कें, बिजली, पानी, पब्लिक ट्रांसपोर्ट कई ऐसी चीजें हैं, जिसके कारण पब्लिक यहां आना पसंद नहीं कर रही है और प्रॉपर्टी के रेट डाउन जा रहे हैं.

भ्. सिक्योरिटी रीजन : मेरठ को हमेशा से संप्रदायिक शहर के नाम से जाना जाता रहा है. पिछले एक साल की ही बात करें तो मेरठ में कई बार संप्रदायिक तनाव रहा. फिर वो कवाल कांड के दौरान मेरठ का माहौल हो या फिर तीरगरान का मामला. वहीं मेरठ में रोज मर्डर, डकैती, लूट जैसी घटनाएं होना आम बात है.

ये डिमांड और सप्लाई पर डिपेंड करता है. मेरठ में पिछले कुछ सालों में काफी मकान बने हैं. रियल एस्टेट इंडस्ट्री भी काफी बूम हुई हैं. अगर दूसरी तरीके से सोचा जाए तो गरीब तबके के लोगों के ये एक फायदे की भी बात है.

- राजेश कुमार यादव, वीसी, एमडीए

हमें नहीं पता कि एनएचबी रेजीडेक्स ने किन आधार पर सर्वे किया है. लेकिन मेरठ में इतनी बुरी स्थिति नहीं है. मेरठ में प्रॉपर्टी के रेट ख् से ब् फीसदी बढ़े ही होंगे लेकिन माइनस में जाने का तो सवाल ही नहीं होता है.

- अशोक गर्ग, अध्यक्ष, रीयल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन, मेरठ

अगर मेरठ में इनर रिंग रोड, एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं दी जाएं तो हम इस -क्फ्.म् फीसदी को अगले साल पॉजिटिव मे लेकर आ जाएंगे. मेरठ में ये काफी दुर्भाग्यपूर्ण हैं.

- कमल ठाकुर, महामंत्री, रीयल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन, मेरठ