- भारतीय खाद्य निगम की ओर से सुरक्षा प्रहरी पद के लिए परीक्षा का आयोजन

- करेंट अफेयर के सवालों ने कैंडीडेंट्स की बढ़ाई टेंशन

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LUCKNOW : भारतीय खाद्य निगम के ओर से सुरक्षा प्रहरी पद के लिए लिखित एग्जाम संडे को कराया गया. एग्जाम के लिए राजधानी में 145 सेंटर्स बनाए गए थे. जहां 73 हजार कैंडीडेट्स को एग्जाम देना था. परीक्षा देकर निकले कैंडीडेट्स ने रीजनिंग और मैथ को तो आसान बताया वहीं इंग्लिश और जीएस को उम्मीद से ज्यादा टफ कहा. एग्जाम की जिम्मेदारी संभाल रहे डीआईओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने कहा कि एग्जाम बिना किसी व्यवधान के सम्पन्न हुआ है.

जीएस आई टफ

एग्जाम देकर निकले संदीप कुमार ने बताया कि ओवरऑल पेपर आसान था. उम्मीद थी कि मैथ और रीजनिंग टफ होगी लेकिन इस बार जीएस के सवाल कठिन थे. मैथ और रीजनिंग में कोई परेशानी नहीं हुई. वहीं सुरेंद्र कुमार ने बताया कि जीएस के साथ-साथ इंग्लिश का पार्ट भी काफी मुश्किल था. जबकि पिछली बार ये पोर्शन आसान आए थे.

रीजनिंग से बढ़ी उम्मीदें

एग्जाम देकर निकले विजय यादव ने बताया कि एग्जाम में रीजनिंग और मैथ का पार्ट काफी टफ आने की उम्मीद कर रहे थे. पर दोनों ही पार्ट काफी आसान रहे. मैथ्स के सवालों को हल करने में ज्यादा समय नहीं लगा. वहीं सुनील ने बताया ने गणित के सभी सवाल ट्रिक बेस्ड थे. जिन कैंडीडेट्स को सही फॉर्मूला और ट्रिक पाता थी, उनके लिए यह काफी आसान हो गया. वही रीजनिंग का पेपर उम्मीद से काफी आसान आया. इससे मुझे काफी उम्मीदें हैं.

कोट

इंग्लिश और जीएस का पार्ट काफी टफ आया था. खासतौर पर जीएस के सवालों ने सभी को उलझा कर रख लिया. इसमें काफी समय भी लगा.

संदीप कुमार

जीएस और इंग्लिश का पार्ट टफ होने से उन्हें हल करने में काफी समय लगा. निगेटिव मार्किंग न होने से लास्ट में अंदाजे से सवालों का जवाब दिया.

सुरेंद्र कुमार

पेपर काफी लंबा था. मैथ्स और रीजनिंग के पार्ट ट्रिक बेस्ड होने के कारण थोड़ा समय अधिक लग गया. जीएस ने भी खूब परेशान किया.

सुनील

ओवरऑल पेपर काफी आसान था. केवल जीएस का पार्ट टफ होने के कारण उसे हल करने में काफी समय लग गया. सभी इससे परेशान हुए.

विनय कुमार, कैंडीडेट्स