- 2 अक्टूबर को कैसरबाग बस अड्डे पर खुला था क्यूबिक फीडिंग सेंटर

- 1500 महिलाएं उठा चुकी हैं इसका लाभ

- 100 और बस अड्डों पर खुलने हैं सेंटर

- स्टेशन आने वाली महिलाओं को फीडिंग सेंटर के बारे में देती हैं जानकारी

- कैसरबाग बस स्टेशन पर बने फीडिंग सेंटर की शान में महिलाओं ने पढ़े कसीदे

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LUCKNOW: कैसरबाग बस अड्डे के वेटिंग एरिया में जैसे ही किसी नवजात की किलकारी रेखा के कानों तक पहुंचती है, वह सजग हो जाती है और पलक झपकते ही उसके पास पहुंच जाती है. फिर वह बच्चे की मां को क्यूबिक फीडिंग सेंटर तक ले जाती है और वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देती है. सेंटर में बच्चों को दूध पिलाने के महिलाओं ने ना केवल रेखा की कार्यशैली को सराहा रही हैं बल्कि बस अड्डे पर मौजूद सुविधा की डिमांड हर जगह करने की बात कह रही हैं. इतना ही नहीं महिलाओं से इसका फीडबैक लिया गया तो उन्होंने इसकी तारीफ की.

पिछले महीने हुई थी शुरुआत

वातानुकूलित कैसरबाग बस अड्डे पर पिछले माह दो अक्टूबर को क्यूबिक फीडिंग सेंटर की शुरुआत हुई थी. सेंटर पर रेखा सिंह तैनात किया गया. रेखा ने ड्यूटी ज्वाइन करते ही काम शुरू कर दिया. उन्होंने बस अड्डे पर आने वाली उन माताओं को तलाशना शुरू कर दिया, जो नवजात को लेकर यहां आती, लेकिन लोक लाज के डर से बच्चे को फीडिंग नहीं करा पाती. रेखा ने ऐसी महिलाओं को यहां बने फीडिंग सेंटर की जानकारी दी और इसके बारे में फीड बैक लेना शुरू किया.

नेपाल की महिलाओं ने की देश में इसकी मांग

फीड बैक में अन्य राज्यों के साथ प्रदेश के शहरों से आने वाली महिलाओं ने इसे शानदार शुरुआत बताया. नेपाल से आने वाली महिलाओं ने फीडिंग सेंटर की शुरुआत अपने देश में भी करने की मांग की है. क्यूबिक फीडिंग सेंटर में बच्चों को दूध पिलाने से लेकर उसके कपड़े तक बदलने की सुविधा दी गई है. पिछले एक महीने में अब तक यहां पर डेढ़ हजार से अधिक महिलाओं ने सेंटर का प्रयोग किया है.

कोट

पहले इसको लेकर महिलाओं में जागरूकता नहीं थी. ऐसे में नवजात के साथ आने वाली माताओं को इसकी जानकारी दी गई. उन्होंने इस सेंटर का लाभ उठाया. यहां पर रखे गए फीड बैक रजिस्टर में उन्होंने अपनी भावनाएं लिखी हैं.

रेखा सिंह

इंचार्ज, क्यूबिक फीडिंग सेंटर

कोट

जल्द ही सौ अन्य बस अड्डों पर इसकी शुरुआत की जानी है. कैसरबाग बस अड्डे पर सबसे पहले यह व्यवस्था शुरू की गई. इससे महिलाओं को खासी दिक्कतें दूर हुई हैं.

डॉ. राजशेखर

एमडी, परिवहन निगम

Posted By: Inextlive