क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : रिम्स की व्यवस्था को पटरी पर लाने को लेकर डायरेक्टर ने शनिवार को सुपरस्पेशियलिटी विंग का इंस्पेक्शन किया. जहां ओपीडी में छापेमारी भी की. इस दौरान कई डॉक्टर और स्टाफ्स साढ़े नौ बजे भी ड्यूटी पर मौजूद नहीं थे. इसके बाद उन्होंने डॉ. हेमंत समेत कई डॉक्टर और स्टाफ्स की रजिस्टर में अबसेंटी लगा दी. साथ ही गायब रहने वाले डॉक्टरों और स्टाफ्स का पेमेंट काटने का आदेश दिया है. उन्होंने कहा कि टाइम से ड्यूटी पर नहीं आने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा.

नेफ्रोलॉजी के लिए देखी जगह

सुपरस्पेशियलिटी विंग में इंस्पेक्शन के दौरान ही वह नेफ्रोलॉजी के लिए जगह भी देखने पहुंचे. जहां उन्होंने नेफ्रोलॉजी के लिए जगह देखने के बाद सुपरिंटेंडेंट और डीएस को कई दिशा-निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि नेफ्रोलॉजी शुरू करने के लिए हमारे पास पर्याप्त साधन है. बस जरूरत है इसका सही ढंग से इस्तेमाल करने की. इससे इतना तो तय हो गया है कि जल्द ही नेफ्रोलॉजी की सुविधा मरीजों को मिलने लगेगी.

रिम्स पहुंचे स्वाइन फ्लू के दो बच्चे

रांची में स्वाइन फ्लू के सस्पेक्टेड दो बच्चों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. इसके बाद हेल्थ डिपार्टमेंट अलर्ट हो गया है. एक बच्चे को रिम्स में एडमिट कर उसका इलाज शुरू कर दिया गया है. वहीं दूसरे बच्चे का सैंपल ओपीडी में इलाज के दौरान भेजा गया था. रिम्स प्रबंधन ने इसकी सूचना रांची जिला आईडीएसपी आफिसर को भेज दी है. वहीं रिम्स के एक डॉक्टर को भी स्वाइन फ्लू का सस्पेक्टेड पेशेंट माना जा रहा है. रिपोर्ट आने के बाद ही इसकी पुष्टि हो पाएगी. झारखंड में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या 50 पहुंच गई है. वहीं रांची में सात मरीज स्वाइन फ्लू के मिल चुके हैं. स्वाइन फ्लू के मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद रिम्स प्रबंधन ने सिविल सर्जन को पत्र लिखकर टैमी फ्लू वैक्सीन की मांग की है. तत्काल 100 वैक्सीन मांगे हैं ताकि मरीजों का इलाज हो सके.