नगर निगम अब रिम्स का नहीं उठाएगा कचरा

क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ: राजधानी में वेस्ट डिस्पोजल को लेकर रांची नगर निगम रेस हो गया है. अब नगर निगम बल्क जेनरेटर रिम्स से कचरा नहीं उठाएगा. ऐसे में रिम्स को अब खुद से ही हॉस्पिटल से निकलने वाले जेनरल कचरे का डिस्पोजल करना होगा. वहीं कैंपस का कचरा भी अब नगर निगम की गाडि़यां नहीं उठाएंगी. इसके अलावा सिटी के बड़े बल्क जेनरेटर्स के यहां से भी वेस्ट कलेक्शन नहीं किया जाएगा. वहीं नियम फॉलो नहीं करने वालों से भी फाइन वसूलने की तैयारी है.

60 दिन पहले जारी किया गया था नोटिस

रांची नगर निगम ने सिटी के बल्क जेनरेटर्स को 27 जुलाई को ही वेस्ट डिस्पोजल को लेकर नोटिस जारी कर दिया था. इसमें बताया गया था कि बल्क में कचरा निकलने वाले संस्थानों को अब वेस्ट डिस्पोजल की व्यवस्था खुद ही करनी होगी. वहीं नोटिफिकेशन के 60 दिन बाद से यह व्यवस्था लागू हो जाएगी.

50 किलो से अधिक कचरा का डिस्पोजल

बल्क वेस्ट जेनरेटर्स में रेस्टोरेंट, होटल, कामर्शियल बिल्डिंग के अलावा हॉस्पिटल, रेजीडेंट वेल फेयर एसोसिएशन, मार्केट एसोसिएशन, बैंक्वेट, रेसिडेंशियल कांप्लेक्स को भी शामिल किया गया है. यहां से हर दिन 50 किलो या उससे अधिक कचरा जेनरेट होता है. ऐसे संस्थान और प्रतिष्ठानों को बल्क जेनरेटर्स कहा जाता है. निगम के अधिकारी की मानें तो उन्हें वेस्ट का कलेक्शन भी खुद से करना होगा. इसके बाद डिस्पोजल के लिए अपने कैंपस में ही व्यवस्था करनी होगी.

वेस्ट सेग्रीगेशन की तीन कैटेगरी

नगर निगम ने बल्क जेनरेटर्स के वेस्ट सेग्रीगेशन के लिए भी कैटेगरी तय कर दी है. इसके तहत तीन कैटेगरी में वेस्ट को अलग-अलग करना होगा. जिसमें 1. बायोडिग्रेडेबल वेस्ट, वेट वेस्ट, 2.नॉन बायो डिग्रेडेबल, ड्राई, रीसाइक्लेबल वेस्ट और 3. डॉमेस्टिक हजा‌र्ड्स वेस्ट शामिल होंगे. इसे निकालकर बायो डिग्रेडेबल वेस्ट का डिस्पोजल करना होगा. बाकी वेस्ट को स्क्रैप वाले को बेचना होगा.

ये हैं बल्क वेस्ट जेनरेटर्स

-होटल

-रेस्टोरेंट

-बैंक्वेट

-हॉस्टल-लॉज

-रेसिडेंशियल कांप्लेक्स

-रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन

-शॉपिंग कांप्लेक्स

-कामर्शियल बिल्डिंग

-हॉस्पिटल