लखनऊ (ब्यूरो)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लोकभवन में कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में अयोध्या में दीपोत्सव को राज्य मेला का दर्जा सहित 13 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकारी धन का दुरुपयोग न होने पाए इसके लिए अयोध्या दीपोत्सव मेले में झांकी सहित सभी कार्यक्रमों का ऑडिट किया जाएगा।

सिद्धार्थनाथ सिंह एवं श्रीकांत शर्मा ने दी जानकारी
सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह एवं श्रीकांत शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य सेप्टिक नीति प्रबंधन का प्रस्ताव पास किया गया। इसके तहत सफाई कर्मियों की सुरक्षा से संबंधित सभी कदम उठाए जाएंगे। उनके ट्रेनिंग की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 652 नगर निकायों में 5 करोड़ की आबादी है। इन निकायों के भीतर 72 लाख ऑन साइट कलेक्शन होता है, जिसमें 5560 एमएलडी कलेक्शन आता है। अभी तक अपशिष्ट जल प्रबंधन की 3300 एमएलडी क्षमता है, 1280 एमएलडी की क्षमता विकसित की जा रही है। 2019 तक सभी प्रारंभिक व्यवस्था पूरी कर ली जाएगी।  2021 तक प्रदेश के सभी निकाय इससे जोड़े जाएंगे और 2023 तक इसे पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा। केंद्र, राज्य, निकाय और सीएसआर से फण्ड की व्यवस्था की जाएगी। 2023 के बाद इसके रख-रखाव की व्यवस्था का खर्च उपभोक्ता पर सरचार्ज लगाकर निकाला जाएंगा। जिनके घरों में सेप्टिक टैंक बने हैं उन्हें पांच वर्ष में 2500 रुपये या हर साल 500 रुपये का शुल्क देना होगा।

उत्तर प्रदेश कैबिनेट की एक बैठक में मंगलवार को 13 प्रस्ताव रखे गए। आइए जानते हैं पास किए गए इन प्रस्तावों के बारे में...

फेज 3 अमृत योजना
1- अटल नवीनीकरण और शहरी रूपांतरण मिशन (अमृत योजना) के अंतर्गत सैप वर्ष 2017-20 हेतु जनपद रायबरेली के रायबरेली सीवरेज योजना फेज 3 से संबंधित प्रायोजना के संबंध में प्रस्ताव। फेज 1, फेज 2 के बाद आई फेज 3 अमृत योजना।
2- उत्तर प्रदेश राज्य सेप्टेज प्रबंधन नीति का प्रस्ताव पास हुआ। 672 नगर निकाय में है 5 करोड़ की आबादी 3300 एमएलडी के एसटीपी अभी तक चल रही, 1280 एमएलडी की एसटीपी बन रही। कुल 5560 एमएलडी सेप्टेज को निस्तारित किये जाने की जरूरत, इसके लिए प्रस्ताव आया। वर्ष 2019 अंत तक इसके लिएसभी प्रारंभिक व्यवस्था पूरी होंगी, 2021, द्वितीय फेज, 2023 तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। केन्द्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय के 7 आर प्लान के तहत यह कार्य होगा।

विधान सभा विधान परिषद की वर्तमान सत्र का सत्रावसान
3- प्राविधिक शिक्षा विभाग की नियंत्रण 3 तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति गण के वेतन एवं अनुदानित डिग्री अभियंत्रण संस्थान के शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग की संस्तुति के अनुसार वेतन व वेतननाम आदि का लाभ दिए जाने के संबंध में प्रस्ताव पास हुआ।
4- सरकार से सहायता प्राप्त उत्तर प्रदेश प्राविधिक शिक्षा संस्थान वी नियमावली 1996 में चतुर्थ संशोधन किए जाने के सम्बन्ध में प्रस्ताव पास हुआ। इसके अन्तर्गत समय से चयन किये जाने के लिए चयन समिति में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद का सदस्य नामित किया जाएगा।
5- उत्तर प्रदेश विधान सभा विधान परिषद की वर्तमान सत्र का सत्रावसान का प्रस्ताव। गांधी जी की 150वीं जयन्ती के अवसर पर सतत विकास के लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु राज्य सरकार द्वारा हुई थी विशेष सदन में चर्चा।


काशी विश्वनाथ मंदिर के विस्तारीकरण और सुंदरीकरण
6- काशी विश्वनाथ मंदिर के सौंदर्यीकरण और विस्तारीकरण हेतु निर्मल मठ स्थित लाहौरी टोला वाराणसी को अधिग्रहित करने और कारीडोर के निकट उन्हें जमीन खरीद कर दिए जाने का प्रस्ताव पास हुआ। काशी विश्वनाथ मंदिर के विस्तारीकरण और सुंदरीकरण का कुल खर्च 398.33 करोड़ रुपये है
7- मत्स्य पालन को बढ़ावा दिए जाने एवं उनसे जुड़े मछुआ समुदाय पालकों के कल्याण के उद्देश्य से  मत्स्य पालक कल्याण कोष की स्थापना व उसके कार्यान्वयन हेतु उत्तर प्रदेश मातिस्यकी नियमावली 1954 में द्वितीय संसोधन का प्रस्ताव पास हुआ

खनिकर्म सेवा नियमावली 2019 का प्रस्थापन

8- यूपी भूतत्व एवं खनिकर्म सेवा नियमावली 2019 का प्रस्थापन प्रस्ताव पास सेवा नियमावली 1983 में संशोधन करके यह नई नियम्मावली लाई जाएगी
9- उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी कल्याण निगम की समस्याओं के लिए एक कमेटी गठित की गई कमेटी 15 दिनों में सीएम को रिपोर्ट देगी, वित्त मंत्री कमेटी के अध्यक्ष होंगे
10- फिल्म 'सांड की आंख' जोकि बागपत की दो उम्रदराज महिलाओं के ऊपर बनी है, इस फिल्म को राज्य सरकार ने टैक्स फ्री कर दिया है।

दीपोत्सव मेला अयोध्या को राज्य मेला का दर्जा

11- पुलिस विभाग के पीतल के कारतूस खोखा की नीलामी प्रक्रिया समाप्त कर एनएसडीसी से ई-ऑक्शन करे जाने का प्रस्ताव पास
12- दीपोत्सव मेला अयोध्या को राज्य मेला का दर्जा दिए जाने का प्रस्ताव पास। सरकार ने मेले के प्रबंधन का दायित्व जिलाधिकारी अयोध्या को दिया व्ययभार 33 करोड़ रुपये का स्वीकृत किया गया।
13- जेपी एसोसिएट द्वारा अधिग्रहित वनभूमि के स्थान पर अन्य भूमि उपलब्ध कराए जाने के सम्बन्ध में यह निर्णय एनजीटी के निर्देशों पर लिया गया है।

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Posted By: Satyendra Kumar Singh

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