-इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया द्वारा सेमिनार का आयोजन

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ALLAHABAD: इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की इलाहाबाद शाखा द्वारा जीएसटी और एंटी मनी लॉन्ड्रिंग अधिनियम पर सेमिनार का आयोजन शुक्रवार को होटल कान्हा श्याम में किया गया. इस मौके पर अध्यक्ष सीए नितिन मेहरोत्रा ने सभी वक्ताओं, देश के विभिन्न शहरों से आए चार्टर्ड एकाउंटेंट, जनता एवं छात्रों का स्वागत किया. उपाध्यक्ष सीए गौरव अग्रवाल ने कार्यक्रम का संचालन किया. सचिव सीए कंचन लाल गुप्ता और कोषाध्यक्ष सीए अभिषेक शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया.

घोटालों के रोकथाम पर सुझाए उपाए

सेमिनार में चर्चा करने के लिए विशेषज्ञ सीए धर्मेद्र कुमार श्रीवास्तव एवं सीए राजीव मेहरोत्रा कानपुर ने सभी बारीक पहलुओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की. उनके एजेंडे में जीएसटी लेखा परीक्षा सर्वेक्षण और मनी लांडरिंग से संबंधित बहुत उपयोगी विषयों की व्यापक श्रेणी को कवर किया गया जोकि हाल में हुए बड़े घोटालों में रोकथाम में सहायक होगी. वक्ताओं ने कहा जीएसटी के तहत लेखा परीक्षा एक पंजीकृत डीलर द्वारा बनाए गए रिकार्ड की परीक्षा है. इसका उद्देश्य घोषित सूचनाओं की शुद्धता, चुकाए गए कर और जीएसटी कानून के अनुपालन का आंकलन करना है.

मनी लांडरिंग वैश्विक समस्या

प्रमुख वक्ताओं ने कहा कि दुनियाभर में लांडरर्स द्वारा मनी लांडरिंग को दवाओं, हथियार, तस्करी, आतंकवाद जैसी आपराधिक गतिविधि को छिपाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है. भारत में मनी लांड्रिंग को हवाला लेन-देन के रूप में लोकप्रियता प्राप्त है. इसे 90 के शुरुआती दशक में लोकप्रियता मिली जब कई राजनेता फंस गये थे. हवाला तंत्र ने काले धन से सफेद धन में रूपांतरण को सुविधाजनक बनाया. हवाला एक अरबी शब्द है. जिसका अर्थ है तीसरे व्यक्ति का उपयोग करते हुए दो व्यक्तियों के बीच धन या सूचना का स्थानांतरण. कहा कि मनी लांडरिंग एक वैश्विक खतरा है.