बाहर भागने से मना कर दिया

जानकारी के मुताबिक कल पेशावर में तालिबानी संगठन के आतंकियों ने वायुसेना के अड्डे को अपना निशाना बनाया। जिससे यहां पर प्रतिष्ठान के अंदर बनी मस्जिद में नमाज अदा कर रहे लोग इनके आतंक का शिकार हो गए। यह सैन्य प्रतिष्ठान पर सबसे खतरनाक हमलों में से एक माना जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक कल सुबह विस्फोटक से भरे जैकेट पहने और हाथ से चलाए जाने वाले ग्रेनेड, मोर्टार, एके-47 राइफलों से लैस आतंकवादियों का एक समूह सुरक्षा चौकियों पर फायरिंग करने लगा। इसके बाद ये वायुसेना अड्डे में घुसते चले और वहां पर सीधे अंदर बनी एक मस्जिद में पहुंच गए। इस दौरान मस्जिद में लोग नमाज अदा कर रहे थे। आतकियों ने मस्जिद को घिरा होने की बात कहते हुए नमाजियों को बाहर भागने से मना कर दिया। इसके बाद ताबड़तोड़ उन पर हमला कर दिया। जिससे मौके पर ही कई लोग मारे गए और काफी संख्या में घायल हो गए।

कई समूहों में विभाजित हो गए

वहीं इस हमले के संबंध में सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसीम बाजवा का कहना है कि आतंकवादी दो बिन्दुओं से अड्डे में घुसे थे। इसके बाद वे अंदर आते आते कई समूहों में विभाजित हो गये थे। हालांकि इस दौरान सुरक्षाबलों के साथ लंबी मुठभेड़ हुई। सुरक्षा बल लगातार इनसे मोर्चा संभाले रहे। जिससे इस हमले में सेना के एक कैप्टन सहित 20 लोगों की मौत हो गई है। इसके अलावा इस दौरान करीब 13 आंतकीमारे गए हैं। वहीं इस हमले के बारे में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने ऐलान किया है कि उसकी एक आत्मघाती इकाई ने यह हमला किया है। यह पाकिस्तानी सेना के लिए एक छोटा सा उदाहरण पेश किया है। वहीं पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने इस हमले की निंदा करते हुए दुख व्यक्त किया है।

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