-4.73 लाख लोगों के स्वास्थ्य की होगी स्क्रीनिंग

-12 से 23 अक्टूबर तक अभियान चलाने को गठित की गई 196 टीमें

बरेली. क्षय रोग (टीबी) के मरीजों को खोजने के लिए बरेली में 196 टीमें गठित की गई हैं. जिनमें तीन सदस्य शामिल किए हैं. इनमें एक महिला सदस्य भी होगी. जो 12 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक 4 लाख 74 हजार 732 लोगों के स्वास्थ्य का स्कीनिंग करेंगी. इसके लिए टीम रोज 50 घरों में दस्तक देगी.

एक रोगी से प्रभावित होते हैं 15 स्वस्थ व्यक्ति

टीबी से ग्रसित रोगी से एक साल में 10-15 स्वस्थ व्यक्तियों में संक्रमण फैलता है. इस कारण सरकार ने इसे चुनौती के रूप में लिया है. इसे लेकर पीएम नरेंद्र मोदी तक मन की बात कार्यक्रम में लोगों से अपील कर चुके हैं.

लगातार बढ़ रहे पेशेंट

वर्ष-पेशेंट

2016-5743

2017-6400

2018-8318

हर बार कैंपेन में मिल रहे रोगी

एक्टिव केस फाइन्डिंग कैंपेन बरेली में 18 जुलाई 2018 से 20 जुलाई 2019 तक चार फेज में चलाया गया. इस दौरान 438 टीबी के रोगी मिले थे. आंकड़ों के मुताबिक 18 जून 2018 से 29 जून के बीच चले कैंपेन में 93 टीबी रोगी मिले थे. 4 सितंबर से 14 सिंतबर तक कैंपेन चलाया गया, जिसमें 104 रोगी और 7 जनवरी से 2019 से 17 जनवरी तक चलाए गए कैंपेन में 107 तथा 10 जून से 20 जून तक चलाए गए कैंपेन में 134 रोगी मिले थे. जिनका इलाज चल रहा है.

ऐसे होगी पहचान, दिया जाएगा 500 प्रतिमाह

टीम टीबी के संभावित रोगियों के बलगम को लेगी. उसे जांच के लिए नजदीकी सरकारी जांच केंद्र भेजा जाएगा. जहां से मिले रिपोर्ट में यदि टीबी की पुष्टि होती है तो उसका इलाज किया जाएगा.

वर्जन

12 से 23 अक्टूबर तक एक्टिव केस फाईन्डिंग अभियान चलाया जाएगा. संभावित रोगियों की जांच की जाएगी और उनका ईलाज किया जाएगा. टीबी रोगी के आधार कार्ड लिंक बैंक अकाउंट में पोषण भत्ता के रूप में 500 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से दिया जाएगा.- डॉ. सुधीर कुमार गर्ग जिला क्षय रोग अधिकारी