21 सितंबर को घर से गायब हुआ था दरोगा का बेटा

ब्रह्मपुरी थाने में दर्ज था अपहरण का मुकदमा

विजिलेंस से रिटायर दरोगा का भी पुलिस नहीं दे सकी साथ

Meerut : तीन युवकों ने शराब के नशे में रिटायर्ड दरोगा के बेटे की गला घोंटकर हत्या कर दी. शव को जानी की गंग नहर में फेंक दिया. पुलिस ने हत्यारोपियों की निशानदेही पर नहर के पास से दरोगा के पुत्र का मोबाइल भी बरामद कर लिया. मंगलवार दिन भर शव की तलाश करती रही, लेकिन नहर से शव बरामद नही हो सका.

यह है मामला

ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के गौरीपुरा में विजिलेंस से रिटायर्ड दरोगा प्रताप सिंह अपने परिवार के साथ रहते है. गत 21 सितंबर को उनका 35 वर्षीय बेटा मनोज घर से सामान लेने के लिए ब्रह्मपुरी गया था. देर रात तक वापस नहीं आया. उसका मोबाइल फोन भी स्विच आफ हो गया. परिजनों ने काफी तलाश की. अगले दिन 22 सितंबर को ब्रह्मपुरी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई.

पुलिस टालती रही मामला

पुलिस रिटायर्ड दरोगा के बेटे की गुमशुदगी दर्ज होने के बाद भी मामले को टालती रही. इस केस में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई. न उसकी मोबाइल कॉल डिटेल निकलवाई. मामला डंडे बस्ते में डाल दिया.

परिजन काटते रहे चक्कर

रिटायर्ड दरोगा व उसके परिजन मनोज की तलाश में ब्रह्मपुरी सीओ व इंस्पेक्टर ब्रहमपुरी के चक्कर काटते रहे, लेकिन पुलिस अधिकारियों का दिल नहीं पसीजा, उन्होंने उसे ढूंढने का कोई प्रयास नहीं किया. इस केस को दबाने का प्रयास किया.

तीन पर जताया था शक

रिटायर्ड दरोगा प्रताप सिंह ने बताया कि उन्होंने शुरू से ही मोहल्ले के तीन युवकों पर शक जताया था. पुलिस ने तीनों युवकों से कोई पूछताछ नहीं की. आरोप है पुलिस ने तीनों युवकों से मोटी रकम देकर क्लीनचिट दे दी थी.

अपहरण में बदली गुमशुदगी

रिटायर्ड दरोगा प्रताप सिंह ने जब सारा मामला एसएसपी अखिलेश कुमार को बताया तो उन्होंने ब्रह्मपुरी पुलिस को गुमशुदगी को अपहरण में तब्दील करने के आदेश दिए. 3 अक्टूबर को अपहरण में मामला दर्ज हुआ.

पूछताछ में उगला सच

एसएसपी के निर्देश पर इंस्पेक्टर समरजीत ने शक के आधार पर पड़ोस में रहने वाले रामबाबू, फिरोज व इमरान को उठा लिया. इमरान और फिरोज भाई हैं. सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने मनोज की हत्या करना कबूल कर दिया. इस मामले में पुलिस को रईसु की भी तलाश है.

घोंट दिया गला

इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी समरजीत सिंह ने बताया कि छानबीन में निकल कर आया है कि गत् 21 सितंबर की शाम को रिटायर्ड दरोगा का पुत्र मनोज, रामबाबू, फिरोज व इमरान चारों लोग शराब पी रहे थे. इसी दौरान मनोज ने तीनों युवकों से शराब पीने के लिए रुपये मांगे. रुपये न देने पर मनोज ने मारपीट शुरू कर दी. इसके बाद तीनों ने मनोज को पीटना शुरू कर दिया और उसकी गला दबाकर हत्या कर दी. शव को कार में डालकर जानी की गंग नहर में फेंक दिया.

मोबाइल हुआ बरामद

इंस्पेक्टर ने बताया कि तीनों हत्यारोपियों की निशानदेही पर गंग नहर के पास से मनोज का मोबाइल फोन बरामद हो गया है. शव की काफी तलाश की गई. लेकिन शव नहीं मिल सका. पुलिस का कहना है कि तीनों मनोज को जिस कार में डालकर ले गए थे. वह कार भी बरामद हाे गई है.

घर में मचा कोहराम

मनोज की हत्या से दरोगा के घर में कोहराम मचा हुआ है. वह अभी भी पुलिस को कोस रहे है. उनका कहना था कि अगर पुलिस चाहती तो इस केस को पहले भी खोल सकती थी.

नहीं मिला शव

एसपी सिटी रणविजय सिंह का कहना है कि मंगलवार दिन भी पुलिस शव की तलाश करती रही, लेकिन शव बरामद नहीं हो सकता है. बुधवार सुबह फिर से शव की तलाश राई जाएगी. हत्या में फिरोज, रामबाबू व इमरान को गिरफ्तार कर लिया गया है. इनके पास से काफी सामान भी बरामद हुआ है.