RANCHI: खूंटी के डुगडुगिया में सरकार के सहयोग से चल रही सहयोग विलेज संस्था में मिशनरीज ऑफ चैरिटी से लाए गए 12 बच्चों का हेल्थ चेकअप किया गया. इनमें दो बच्चे बुखार से पीडि़त पाए गए. इन्हें जरूरी दवाएं उपलब्ध करा दी गई हैं. इसकी पुष्टि खूंटी के सिविल सर्जन विनोद उरांव ने की है. उन्होंने फोन पर बताया कि 7 अगस्त को 2 डॉक्टरों की विशेष टीम बनाकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच कराई गई है. बता दें कि हिनू सदन से जिन 12 बच्चों को सहयोग विलेज में लाकर रखा गया है, उनकी उम्र 2 माह से 2 साल के बीच है. गौरतलब हो कि दैनिक जागरण आई नेक्स्ट ने बिना मेडिकल दस्तावेज के सहयोग विलेज में रह रहे हैं बच्चे हेडिंग के साथ खबर छापी थी, जिसके बाद सीडब्ल्यूसी खूंटी की ओर से बच्चों की स्वास्थ्य जांच के लिए डीसी को पत्र भेजा गया था. इधर, झारखंड स्टेट कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (जेएससीपीसीआर) के दो मेंबर भूपन साहू और बबन गुप्ता ने सहयोग विलेज की जांच की. मालूम हो कि इसके पूर्व झारखंड राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष आरती कुजूर ने सहयोग विलेज की जांच की थी और यहां काफी अनियमितता होने की बात कही थी.

लड़कियों की होगी मेडिकल जांच

सहयोग विलेज संस्था के संचालक मनजीत सिंह ने कहा कि खूंटी डीसी से मिलकर सभी लड़कियों की मेडिकल जांच सुनिश्चित कराने का आग्रह करेंगे. उन्होंने कहा कि बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित बालिका गृह और उत्तर प्रदेश के देवरिया स्थित शेल्टर होम में लड़कियों के साथ दुष्कर्म की घटनाओं के मद्देनजर एहतियात के तौर पर सहयोग विलेज की लड़कियों की भी मेडिकल जांच सुनिश्चित कराना बेहद जरूरी हो गया है.

खूंटी में चल रहे नौ शेल्टर होम

खूंटी में 9 शेल्टर होम चल रहे हैं. इनमें सहयोग विलेज, आशा किरण और आशा सदन को सरकार की तरफ से सहयोग मिलता है. इन तीनों शेल्टर होम में रखे गए बच्चे और लड़कियों का रिकॉर्ड सीडब्ल्यूसी के पास भी होता है. जबकि अपने स्तर से संचालित केशव माधव बाल आश्रम, गोस्सनर हॉस्टल, लूथरन ग‌र्ल्स हॉस्टल और स्टेप्स जैसे शेल्टर होम का कोई भी रिकॉर्ड सीडब्ल्यूसी के पास नहीं होता. इस पर खूंटी डीसी ने स्वत: संज्ञान लिया है. इधर, डीसीपीओ ने सिंगल पेरेंटस के गार्जियन को बच्चे ले जाने की बात कही है. लेकिन, गार्जियन ने कहा कि उनलोगों ने अभी हाईकोर्ट में केस कर दिया है.

संस्था ने गायब बच्चियों के मामले में दी सफाई

इधर, सहयोग विलेज से दो बच्चियों के गायब होने के मामले में संस्था की ओर से सफाई दी गई है. पायल कुमारी और जलेश्वरी नामक दोनों बच्चियां अचानक गायब हो गईं. जिसकी सूचना सीडब्ल्यूसी और जिला प्रशासन को भी दे दी गई थी. संस्था की ओर से बताया गया कि पायल कुमारी अनाथ थी और वह बिरसा हाई स्कूल, चलागी में पढ़ने जाया करती थी, जबकि जलेश्वरी मानसिक रूप से कमजोर थी. वह खूंटी के अड़की की रहने वाली है और उसकी उम्र करीब 12 साल है. खूंटी डीसी की रेस्क्यू टीम ने पायल और जलेश्वरी को कोलकाता से बरामद कर लिया. इस संबंध में सीडब्ल्यूसी के मेंबर को जानकारी नहीं मिल पाई.

खूंटी गैंगरेप पीडि़ताओं को रखा था

बताया गया कि पायल का व्यवहार सही नहीं रहता था, इसकी वजह से 30 जुलाई को संस्था की ओर से सीडब्ल्यूसी को पत्र लिखकर पायल की काउंसेलिंग की मांग भी की गई थी. फिलहाल खूंटी पुलिस बच्चियों के लापता होने के मामले की जांच में जुटी हुई है. बता दें कि खूंटी के कोचांग में जिन पांच लड़कियों के साथ गैंगरेप हुआ था उन्हें भी इसी सहयोग विलेज में रखा गया था.

रांची के नारी निकेतन से भी एक नाबालिग फरार

इधर, कांके के अरसंडे में नारी निकेतन से एक नाबालिग बच्ची फरार हो गई है. उसे ह्यूमन ट्रैफिकर के चंगुल से छुड़ाया गया था. इस संबंध में नारी निकेतन की अरुणा ने कांके थाने में एक मिसिंग एंट्री दर्ज कराई है.