- सभी सर्विस ऑनलाइन, वहीं नए-नए कोर्स भी हो रहे हैं स्टार्ट

- इस साल से डिग्री भी मिलेगी ऑनलाइन

GORAKHPUR: हाईटेक एरा और डिजिटल इंडिया की मुहिम के साथ सीएम सिटी भी कदमताल कर रही है. जहां स्कूल्स हाईटेक राह पर दौड़ चले हैं, तो वहीं मदन मोहन मालवीय यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के साथ अब गोरखपुर यूनिवर्सिटी भी डिजिटल ट्रैक पर दौड़ने का तैयार है. जहां यूनिवर्सिटी में बेसिक सर्विसेज पहले से ही ऑनलाइन कर दी गई है, तो वहीं बाकी बची सर्विसेज को भी डिजिटल करने की कवायद तेजी से चल रही है. सब कुछ ठीक रहा, तो नेक्स्ट सेशन में स्टूडेंट्स को डिग्री भी ऑनलाइन मिलेगी, जिसका वेरिफिकेशन भी जिम्मेदार बिना यूनिवर्सिटी को लेटर भेज कम समय में कर सकेंगे.

फीस और एडमिशन पहले से ऑनलाइन

गोरखपुर यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स से जुड़ी सुविधाओं की बात की जाए, तो इसमें ज्यादातर सुविधाएं डिजिटल हो चुकी हैं. एडमिशन से लेकर हॉस्टल एलॉटमेंट तक सबकुछ ऑनलाइन मोड में ही हो रहा है. वहीं स्टूडेंट्स को डेबिट कार्ड या इंटरनेट बैंकिंग के जरिए फीस जमा करने की भी सुविधा है. एग्जामिनेशन फॉर्म से लेकर रिजल्ट तक की फैसिलिटी ऑनलाइन मोड में मौजूद है. इसके अलावा अभी कुछ प्रॉसेस में मैनुअल या चेक के जरिए पेमेंट किया जा रहा था, जिसे अब पूरी तरह डिजिटलाइज कर दिया गया है.

खाते में जाएगा मजदूरी का भी पैसा

गोरखपुर यूनिवर्सिटी में वर्क करने वाले सभी वेंडर्स, आउट सोर्स एजेंसीज और दूसरे सर्विस प्रोवाइडर्स को अब पूरी तरह से डिजिटल मोड में ही पेमेंट किया जा रहा है. इसके अलावा टेंडर्स और उसके पेमेंट्स, कॉपी की चेकिंग, फैसिलिटी का पेमेंट, सभी कुछ यूनिवर्सिटी में ऑनलाइन मोड में शुरू हो चुका है. यहां तक कि अब फील्ड में वर्क करने वाले मजदूरों को भी आरटीजीएस के जरिए उनके खाते में ही पेमेंट किया जा रहा है.

तीन सर्विस और हुई ऑनलाइन

गोरखपुर यूनिवर्सिटी में कॉमर्शियली यूज होने वाली तीन सर्विसेज को पहले फेज में भीम के जरिए ऑनलाइन करने की तैयारी की जा रही है. इसमें स्टूडेंट्स की भीड़ जमावड़े वाली कैंटीन को मोस्ट प्रियॉरिटी पर रखा गया है, वहीं फोटोकॉपी कराने के लिए लाइब्रेरी में भी अगर 10 या उससे ज्यादा का पेमेंट करना है, तो स्टूडेंट्स को यह भीम एप के जरिए करना होगा. गेस्ट हाउस का पेमेंट भी डिजिटल मोड में लेने की तैयारी की गई है. इसके लिए बैनर-पोस्टर और फ्लैक्स भी यूनिवर्सिटी में इंस्टॉल कर दिए जाएंगे, जिसके बाद यह सर्विस भी पहले ऑप्शनल और धीरे-धीरे मेंडेटरी कर दी जाएगी.

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जेम से हो रही है खरीदारी

गोरखपुर यूनिवर्सिटी में अब कोई भी सामान खरीदा जा रहा है, तो वह भी ऑनलाइन किया जा रहा है. पहले खरीद पेपर की हुई है, जिसके बाद फर्नीचर और दूसरे ऑर्डर भी दिए जा चुके हैं. इससे जहां यूनिवर्सिटी के पैसे की जबरदस्त बचत हो रही है, तो वहीं शातिरों की कमाई बंद हो गई है.

यूनिवर्सिटी में सभी प्रॉसेस ऑनलाइन की जा चुकी है. चार प्रॉसे जो बची और शासन की प्राथमिकता में है, उन्हें भी डिजिटल किया जा रहा है. नेक्स्ट सेशन से सभी प्रॉसेस ऑनलाइन हो जाने की उम्मीद है.

- सुरेश चंद्र शर्मा, रजिस्ट्रार, गोरखपुर यूनिवर्सिटी