गूगल सर्वे में कुल 312 लोगों ने पार्टिसिपेट किया। इसमें लोगों ने मेट्रो को पहली और सिविल एंक्लेव को दूसरी वरीयता दी है। वहीं लॉ एंड ऑर्डर और ट्रैफिक से जाम के लिए पुलिस से आस जताई है। इसके साथ ही पानी की आपूर्ति में बाधा सहित अन्य समस्याओं से निजात पाने की इच्छा जताई है। वहीं नागरिक दायित्वों को निभाने के लिए कमिटमेंट किया है।


- भागदौड़ भरी जिंदगी में समय निकालकर हेल्थ को प्रॉयरिटी देंगे युवा

- दैनिक जागरण आईनेक्स्ट ने आगराइट्स के किया संवाद

आगरा। साल 2024 ने दस्तक दे दी है। आगराइट्स ने नए साल में कमिटमेंट्स के साथ प्रवेश करने का निश्चय किया है। नए साल में लोग बुरी आदतों को छोड़कर खुद को बेहतर करने के लिए नई और अच्छी आदतों को फॉलो करेंगे। दैनिक जागरण आईनेक्स्ट ने सोशल मीडिया के जरिए आगराइट्स से संवाद किया और उनसे नए साल में किए गए कमिटमेंट के बारे में जानकारी ली। इसमें ज्यादातर लोगों ने भागमभाग भरी लाइफस्टाइल से खुद को समय देने और अपनी सेहत का ख्याल रखने के बारे में कहा। कुछ लोगों ने किताबों को पढऩे, सुबह जल्दी उठने का कमिटमेंट किया।

जल्दी उठकर करेंगे व्यायाम
रजनीश वर्मा ने लिखा कि स्टडी के बाद वह जबसे काम-काज में जुटे हैैं, तबसे सुबह जल्दी उठना बंद हो गया है। इसलिए वह नए साल में सुबह जल्दी उठकर हल्का-फुल्का व्यायाम करना शुरू करेंगे। उन्होंने अपना एक और कमिटमेंट साझा करते हुए लिखा कि वह सोशल मीडिया के युग में उनका किताबों से नाता कमजोर पड़ गया है। वह नए साल में फिर से किताबों से दोस्ती करेंगे। उन्होंने लिखा कि वह एक इनकम टैक्स व जीएसटी प्रैक्टिशनर हैैं, ऐसे में कंप्यूटर पर काम करते-करते उनकी हाथ से लिखने की आदत खत्म हो गई है। इसलिए नए साल में वह रोजाना अपने हाथ से एक पेज लिखेंगे।

पेशे से इंजीनियर रवि कुमार ने लिखा कि वह नए साल में विभिन्न फाइनेंशियल लिट्रेसी के विभिन्न पहलुओं पर रिसर्च करेंगे और खुद को इस क्षेत्र में ज्यादा जानकार बनाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने लिखा कि जब आपके पास पैसा आता है और उसे सही जगह पर इंवेस्ट करने की हमारे पास जानकारी नहीं होती है। वह फाइनेंशियल लिट्रेसी को बढ़ाएंगे और अपने पैसे को सही जगह पर इंवेस्ट करेंगे। समाजसेवी पदमलता ने लिखा कि वह नए साल में अधिक मेहनत करेंगी और गरीब व असहाय लोगों की मदद करेंगी। इसके साथ ही आर्थिक रूप से गरीब व शिक्षा से वंचित बच्चों को शिक्षित करने के लिए और महिलाओं को स्वाबलंबी बनाने के लिए प्रयास करूंगी।
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नए साल में नशे को कहें न
जिला मद्य निषेध अधिकारी विमल कुमार ने लिखा कि नए साल में सभी के लिए एक स्वस्थ जिंदगी की कामना है। इसके लिए जरूरी है कि लोग एडिक्शन से दूर रहने के लिए कमिटमेंट करें। उन्होंने लिखा कि नशा शरीर के लिए हानिकारक है। नशे की लत एक क्रॉनिक बीमारी है, जबभी कई लोग नशे को छोडऩे का निश्चय करते हैैं तो क्रॉनिकल बीमारी होने के कारण फिर से व्यक्ति बहुत जल्दी प्रभाव में आ जाता है। इसलिए नशे की पहचान करके उसे छोडऩे की स्ट्रेटजी बनाएं। उन्होंने बताया कि उत्तर भारत में सबसे ज्यादा निकोटीन का नशा करते हैं जैसे तंबाकू, गुटखा, सिगरेट। इनकी लत दो से तीन दिन तक प्रयोग करने पर लग जाती है। लेकिन इसे पुनर्वास केंद्र में परामर्श करके आसानी से छोड़ा भी जा सकता है। जो लोग अल्कोहल के नशे में व्यक्ति देरी से फंसता है। दो-चार साल तक लगातार सेवन करने पर इसकी लत लगती है। अल्कोहल का आदि होने में जितनी देर लगती है, उतनी ही देर से इसकी लत से निकला जा सकता है। आगरा में भारत सरकार द्वारा एक पुनर्वास केंद्र (नशा मुक्ति केंद्र) शमसाबाद रोड स्थित नगला कली में संचालित है। यहां पर नि:शुल्क मरीज को भर्ती करके नि:शुल्क इलाज किया जाता है। उन्होंने लिखा कि नए साल में कमिटमेंट लें और किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहें।
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मैैं नए साल में जिम जाना शुरू करूंगा। बीते साल लेट उठने के कारण मेरी जिम बंद हो गई थी। लेकिन इस बार में अपने गोल को पूरा करके फिटनेस हासिल करूंगा।
- धीरज

नए साल में अपने पुराने आईडियाज पर काम करूंगा। अपने आईडियाज को साकार करके प्रोडक्ट बनाउंगा और लोगों को रोजागार देने का संकल्प लूंगा।
- जीत

मैैं न्यू ईयर में अपनी अल्कोहल लेने की लत को छोडऩे के लिए कमिटमेंट करूंगा। धीरे-धीरे इस आदत को खत्म करूंगा। इसके लिए डॉक्टर से परामर्श भी लूंगा।
- पीसी शर्मा