आगरा (ब्यूरो)। उन्होंने स्टूडेंट्स को बताया कि आप हमेशा ऐसा फील करते होंगी कि जैसी आप आसमान की ओर बढ़ते हैैं तभी फेल्योर आपको जमीन पर ला देता है लेकिन हमें यहां पर रुकने की जरूरत नहीं है। आसमान में उडऩे की ख्वाहिश रखें, लेकिन जमीन को न भूलें। उन्होंने कहा कि फेल्योर से डरने की या हताश होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने खुद फेल्योर का सामना किया है। लेकिन हर बार उन्होंने इससे सीखा और आगे बढ़ीं। नई स्ट्रेटजी बनाकर काम किया और सक्सेज हासिल की। उन्होंने बताया कि कई बार बच्चे प्रेशर में आ जाते हैैं लेकिन आपको खुद को पहचानकर अपनी कमियों को दूर करना होगा और आगे बढऩा होगा।

रोजाना खुद के बारे में सोचें
आरुषि मिश्रा ने स्टूडेंट्स से कहा कि आप दिन में अपने लिए थोड़ा टाइम निकालें। यदि मेडिटेशन कर पाते हैैं तो ठीक है, लेकिन कम से कम अपने बारे में खुद से पांच मिनट के लिए बात करें। अपनी समीक्षा करें कि हम कहां जा रहे हैैं और हमें कहां जाना है। इससे आपको राह मिलेगी और आप खुद को ज्यादा मोटिवेट फील करेंगे।

स्टूडेंट्स के सवालों के दिए जवाब
आरुषि ने इस दौरान स्टूडेंट्स के सवालों के जवाब भी दिए। स्टूडेंट्स ने भी बड़ी संख्या में उनसे अपने सवाल खुलकर पूछे। स्टूडेंट्स के पूछने पर उन्होंने बताया कि आप बहुत आगे के बारे में सोचकर परेशान न हों। आप यदि दसवीं में पढ़ रहे हैैं तो पहले दसवीं के सिलेबस को अच्छी तरह से पढ़ें। उन्होंने अन्य स्टूडेंट के सवाल के उत्तर में कहा कि यदि आपको कोई भी चीज याद रखने में मुश्किल आती है तो उसका सबसे अच्छा तरीका रिवीजन करना है। उन्होंने कहा कि जब भी टीचर आपको कुछ पढ़ाए या आप स्वयं कुछ पढ़ें तो उसे 48 घंटों के अंदर ही अच्छी तरह से रिवाइज कर लें। इससे आप लंबे समय तक याद रख पाएंगे। उन्होंने कहा कि आप जो भी बनना चाहते हैैं पहले उनके रोल और रिस्पॉन्सिबिलिटी के बारे में जान लें।

आगे बढ़तीं गई आरुषि
आरुषि मिश्रा ने 2014 में आईआईटी रूड़की से बीटेक कंप्लीट किया। इसके बाद में उन्होंने यूपीएससी की तैयारी करना शुरू किया। शुरूआत में उन्होंने फेल्योर अटेंप्ट्स का सामना किया। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी प्रिपरेशन को जारी रखा। उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग परीक्षा में 16 वीं रैैंक हासिल कर डीएसपी की पोस्ट हासिल की। इसके साथ ही उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 229 वीं रैैंक हासिल करके आआरएस की पोस्ट हासिल की। लेकिन आरुषि यहीं नहीं रुकी उन्होंने इसके बाद में 2018 में यूपीएससी द्वारा आयोजित इंडियन फॉरेस्ट सर्विस एग्जाम में दूसरी रैैंक हासिल की। अब वह नेशनल चंबल सफारी प्रोजेक्ट में डीएफओ के पद पर तैनात हैैं।


युवाओं को अपने फेल्योर से सीखने की जरूरत है। मैैंने उन्हें वही बातें बताईं जो उनके आसपास हमेशा होती हैैं। बस वह उन्हें कैच नहीं कर पाते। स्टूडेंट्स अपने भीतर की प्रतिभा को खुद ही अच्छी तरह पहचान सकते हैैं।
- आईएफएस आरुषि मिश्रा, डीएफओ, एनसीएसपी