सिर्फ वीआईपी मूवमेंट पर बेहतर ट्रैफिक
शहर में जाम एक रोजाना की समस्या है, जिससे आम व्यक्ति परेशान है। लेकिन, हैरान करने वाली बात है कि जिम्मेदारों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। वहीं जब कभी शहर में वीवीआईपी मूवमेंट होता है, तो ट्रैफिक पुलिस सड़कों पर उतरकर स्थिति सुधार देती है। उसके बाद फिर से शहर का ट्रैफिक मनमाने तरीके से चलने लगता है। अगर, वीआईपी मूवमेंट की तरह शहर के ट्रैफिक की स्थिति रहे तो हालात बेहतर हो सकते हैं, जाम से भी निजात मिल सकती है।

हर चौराहे पर मनमर्जी से पार्किंग
ऑटो चालकों के साथ सरकारी, गैरसरकारी वाहन हर चौराहे पर मनमर्जी पार्किंग बना चुके हैं। हालही में ट्रैफिक पुलिस की ओर से चौराहे से 50 मीटर की दूरी पर वाहनों को खड़ा करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन इसके बाद भी चौराहों पर मनमर्जी तरीके से वाहनों को खड़ा देखा जा सकता है, जिसमें अधिकतर ऑटो सवारियों के लिए खड़े रहते हैं, जो जाम का कारण बनते हैं।

रूट व्यवस्था का नहीं किया पालन
ऑटो चालक शहर के लिए बड़ी समस्या बने हुए हैं। कारण है कि निर्धारित व अवश्यकता से ज्यादा ऑटो शहर में दौड़ते हैं। इससे निपटने के लिए ग्रामीण व शहरी रूट के ऑटो पूर्व में चिह्नित किए गए थे, रूट व्यवस्था भी लागू की गई। लेकिन, आज तक ट्रैफिक व परिवहन विभाग द्वारा इस व्यवस्था का गंभीरता से लागू नहीं किया जा सका है। जिसके कारण जाम तो लगता है, साथ ही ट्रैफिक भी अव्यवस्थित ढंग से दौड़ता है, जो हादसे का कारण बनता है।

पुराने बाजारों में ऑटो से लग रहा जाम
स्थिति-आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन रोड पर पूरी सड़क पर ऑटो वालों का कब्जा, दोपहिया वाहन चालक भी धीरे-धीरे निकलते हुए। चार पहिया का निकलना मुश्किल है। इससे आम आदमी पैदल भी नहीं चल सकता है। मंटोला, सदरभट्टी, ढाकरान चौराहे पर ऑटो के चलते भीड़ लगी रहती है, शहर के पुराने बाजारों में आम आदमी का पैदल चलना मुश्किल है, वहां ऑटो जाम का कारण बन जाते हैँ।

दयालबाग रोड से डीईआई तक जाम स्थिति -
दयालबाग रोड से डीईआई तक जाम लगा रहता है, रोड पर ऑटो अन्य वाहनों की तुलना में अधिक है। एमजी रोड से अटैच स्पीड कलर लैब के सामने सड़क पर ट्रैफिक रेंगते हुए आधा दर्जन ऑटो वाले गुजरते हुए, जो सवारी के चक्कर में रफ्तार धीमी किए रहते हैं। इससे वहां अन्य वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

कैंट रेलवे स्टेशन रोड स्थिति
-थाना सदर क्षेत्र के कैंट रेलवे स्टेशन रोड के साथ स्टेशन के प्रवेश द्वार पर करीब 80 फीसदी हिस्से पर ऑटो वालों का कब्जा। स्टेशन जाने वाले बड़ी मुश्किल से यहां से गुजर पाते हैं। वहीं सवारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

बिजली घर चौराहे पर जाम स्थिति-
शहर के सबसे पुराने बिजली घर चौराहे पर ऑटो का जाम लगा रहता है, चौराहे पर जाम के हालात, इस बीच कई ऑटो वाले सवारी उतारते हुए दिख जाएंगे। जिससे जाम और ज्यादा बढ़ जाता है।


ताजगंज में रविवार को अभियान चलाया गया, जिसमें ऑटो को दिशा निर्देश दिए गए कि वे सवारियों को छोड़कर तत्काल रोड से निकल जाएं। जिससे जाम न लग सके।
सैय्यद अरीब अहमद, एसीपी, ट्रैफिक


शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए कोई भी सुलभ व्यवस्था नहीं है, ऐसे में बस का भी समय निर्धिारित नहीं होता है, मजबूरत ऑटो ही विकल्प रहता है।
मोनिका गोयल


ऑटो में अक्सर वारदात होती है, इससे डर लगता है। पुलिस को चालकों की ड्रेस और रू ट निर्धारित होने चाहिए। इससे समस्या ना हो।
रजनी


हाईवे, शहर के भीतर दौड़ रहे ऑटो
24 हजार

-संबंधित विभाग के पास ऑटो का नहीं रिकॉर्ड
5 हजार

-परिवाहन विभाग में रजिस्टर्ड ऑटो रिक्शा
13 हजार