आगरा। ऑटो चालक की ओर से परीक्षा की कॉपियां बदलने का मामला सामने आया है। कॉपी बदलने की जानकारी मिलते ही यूनिवर्सिटी प्रशासन में हड़कंप मच गया। इसके बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन की शिकायत के आधार पर पुलिस ने टेंपो चालक को गिरफ्तार कर लिया और उससे पूछताछ शुरू कर दी है। इसके बाद दिल्ली के डॉ। अतुल को कॉपी लिखने और पुनीत को सॉल्व करने मामले में जेल भेजा गया, जबकि मास्टर माइंड राहुल पाराशर ने न्यायालय के समक्ष सिरेंडर किया था।

जांच में टेंपो चालक मिला संदिग्ध
डॉ। भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी के तत्कालीन कार्यवाहक कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक को इसकी जानकारी मिली थी कि सेंट जॉन्स कॉलेज में चल रही बीएएमएस की परीक्षा की कॉपियों को एजेंसी पहुंचने से पहले ही रास्ते में बदली जा रहीं हैं। इसके बाद उन्होंने इस मामले की जांच पड़ताल कराई और जांच में कॉपी ले जाने वाला टेंपो चालक संदिग्ध पाया गया। टेंपो चालक देवेन्द्र को हिरासत में लेने पर पूरा राज खुला।


गैंग लेते थे, 60 हजार रुपए प्रति परीक्षार्थी
पकड़े गए राहुल पाराशर और शिवम ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया है कि उनकी तरह कई अलग-अलग लोग हैं जो इस कार्य को अंजाम देते हैं। राहुल बीएएमएस तो शिवम एमबीबीएस की कॉपी बदलने का ठेका लेेते थे, प्रति परीक्षार्थी से चालीस से साठ हजार रुपए वसूल किए जाते थे। इसमें सब्जेक्ट का हिसाब अलग था। सक्रिय गैंग द्वारा कॉपी बदलने के अलग-अलग रेट फिक्स किए थे।


सैकड़ों मेडिकल स्टूडेंट्स पा चुके हैं डिग्री
कॉपी बदलने के मास्टर माइंड राहुल पाराशर ने बताया कि वह इस कार्य को पिछले आठ वर्षों से कर रहा है, अब तक सैकड़ों परीक्षार्थियों को इस तरीके से पास करा चुका है, जो अलग-अलग शहर में नौकरी कर रहे हैं। हालांकि उन सभी के नाम का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है, पुलिस और एसटीएफ द्वारा संयुक्त रूप से इस दिशा में जांच की जा रही है।


पुलिस जल्द करेगी बड़ा खुलासा
यूनिवर्सिटी में ऐसे कई गैंग हैं, जो कॉपी बदलने का कार्य करते हैं। इसमें से दो गैंग का पर्दाफाश कर पुलिस 9 लोगों को जेल भेज चुकी है। ऐसे में पुलिस को उन गैंग को ट्रैस करना शुरू कर दिया है, पुलिस का दावा है कि जल्द अन्य गैंग का भी खुलासा किया जाएगा।
- विकास कुमार, एसपी सिटी