आगरा। चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ। अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि केंद्र से आई टीम ने खंदारी क्षेत्र का ग्रामीण इलाके का दौरा किया। यहां पर उन्हें बर्तनों, टायरों में भरे बारिश के पानी में लार्वा मिला। इसके बाद उन्होंने शहरी क्षेत्र में वार्ड 45 क्षेत्र में दौरा किया। यहां पर भी उन्हें कूलर व जलजमाव के कारण भरे पानी में डेंगू का लार्वा मिला। इसे देखकर टीम ने चिंता जाहिर की। टीम ने जल्द से जल्द लार्वा को खत्म करने के लिए कहा।

सीएमओ ने बताया कि टीम के दौरे बाद तुरंत डीएम नवनीत सिंह चहल के अध्यक्षता में इमरजेंसी मीटिंग बुलाई गई। अब सघन अभियान चलाकर एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जाएगा। घर-घर जाकर टीम टायरों, गमलों, बर्तनों व कूलर में पानी को खाली कराएगी। जिससे डेंगू का लार्वा न पनपे। सीएमओ ने कहा कि सभी लोग अपने स्तर से भी छतों पर व अन्य स्थानों पर बर्तनों, गमलों में जमे पानी को खाली कर दें। उन्होंने कहा कि डेंगू का लार्वा मिलने पर जुर्माने का भी प्रावधान है। जिनके यहां पर डेंगू का लार्वा मिलेगा। उन पर जुर्माना भी लग सकता है।

एसएन में किया दौरा
केंद्रीय टीम जांच करने के लिए सुबह साढ़े दस बजे एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंच गई। यहां पर टीम ने बाल रोग विभाग और मेडिसिन विभाग के डेंगू वार्ड का निरीक्षण किया। यहां पर उन्होंने जांच करने व उपचार करने की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद टीम ने हॉस्टल में जाकर भी निरीक्षण किया। कैंपस के अन्य भागों में भी जांच की।


जिला अस्पताल में मिली खामी
केंद्रीय टीम दोपहर डेढ़ बजे के करीब जिला अस्पताल पहुंच गई। यहां पर जिला अस्पताल में पैथोलॉजी और डेंगू वार्ड में कुछ खामियां मिलीं। इस पर टीम ने नाराजगी जताई। टीम ने जिला अस्पताल में डेंगू के बचाव, इलाज तथा व्यवस्था के बारे में पूछताछ की। जिला अस्पताल के अधीक्षक डॉ। एके अग्रवाल ने बताया कि टीम ने दस बेड के वार्ड में पांच बेड बच्चों के लिए और पांच वयस्कों के लिए करने को कहा। इसके साथ ही उन्होंने जांच के लिए रिएजेंट इत्यादि की जानकारी भी ली।

संदिग्ध मरीज मिलने पर टीम ने जताई आपत्ति
जिला अस्पताल में टीम ने डेंगू वार्ड का बारीकी से निरीक्षण किया। यहां एक संदिग्ध मरीज भर्ती मिला। इस पर टीम ने सवाल उठाया कि जब मरीज को डेंगू नहीं है तो उसे इस वार्ड में क्यों भर्ती कर दिया है। डॉक्टर्स ने टीम को बताया कि मरीज में प्रारंभिक लक्षण डेंगू के नजर आ रहे थे, इसलिए उसे वार्ड में भर्ती कर दिया है। उसकी टेस्टिंग कराई गई है लेकिन अभी रिपोर्ट नहीं आई।

अब तक आगरा में डेंगू के 8 मरीज निकले
आगरा जनपद में अब तक डेंगू के आठ मरीज मिले हैं। सभी मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं। टीम ने पिछले वर्ष के हालातों पर भी चर्चा की। इसके बाद टीम ने जिला अस्पताल के डॉक्टर्स को सतर्कता बरतने और डेंगू की टेस्टिंग बढ़ाने के आदेश दिए। दो सदस्यीय टीम जांच के बाद केंद्र सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी।

पिछले वर्ष हालात हो गए थे बेकाबू
वर्ष 2021 में आगरा और फिरोजाबाद समेत आसपास के अन्य जिलों में डेंगू फैलने हालात बेकाबू हो गए थे। अकेले आगरा में ही 1500 से अधिक केस मिले थे। वहीं रहस्यमयी बुखार की चपेट में आकर आगरा और फिरोजाबाद में 400 से अधिक लोगों की मौत भी हो गई थी।

इंतजामों पर उठा सवाल
केंद्र की टीम के निरीक्षण के बाद आगरा में डेंगू व अन्य मच्छर जनित रोगों की रोकथाम के लिए किए जा रहे इंतजामों पर सवाल उठा है। आगरा में पूरे अक्टूबर माह में संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत 7 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक दस्तक अभियान भी चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, पंचायती राज विभाग सहित 15 विभाग मिलकर काम कर रहे हैैं। इसमें शहरी व देहात क्षेत्र में एंटी लार्वा का छिड़काव, फॉगिंग, घर-घर जाकर लोगों को जागरुक करना, टीम द्वारा बारिश के कारण जमा हुए गमलों, टायर इत्यादि में हुए जलजमाव को खाली कराना जैसे कार्य शामिल हैैं। इसके बावजूद केंद्र की टीम को शहरी क्षेत्र और ग्रामीण क्षेत्र में बड़ी मात्रा में डेंगू का लार्वा मिला है। शहरी क्षेत्र में एंटी लार्वा का छिड़काव व फॉगिंग कार्य पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है।


टीम ने शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में दौरा किया। यहां पर उन्हें लार्वा मिला। इस पर उन्होंने चिंता जताई। अब सघन अभियान चलाकर इसे दूर किया जाएगा। टीम मंगलवार को भी दौरा करेगी।
-डॉ। अरुण श्रीवास्तव, सीएमओ

टीम ने जिला अस्पताल में आकर दौरा किया। यहां पर उन्होंने जांच करने के बारे में जानकारी ली। डेंगू वार्ड का निरीक्षण किया। वार्ड में बच्चों के लिए भी बेड की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
- डॉ। एके अग्रवाल, सीएमएस, जिला अस्पताल

टीम ने मेडिकल कॉलेज का दौरा किया। उन्होंने बाल रोग विभाग और मेडिसिन विभाग के डेंगू वार्ड देखे। इसके बाद हॉस्टल में भी जाकर निरीक्षण किया।
- डॉ। प्रशांत गुप्ता, प्रिंसिपल, एसएन मेडिकल कॉलेज
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मच्छरों से बचाव के लिए यह करें
- अपने आसपास जल जमाव न होने दें
- कूलरों, टायरों, गमलों इत्यादि में भरे पानी को खाली करें।
- पूरी बाजू के कपड़े पहनें।