आगरा(ब्यूरो): मंगलवार सुबह न तो शहर की सड़कों पर झाड़ू लगी और न ही पब्लिक प्लेस से कचरा उठा। इस कारण शहर में जगह-जगह सड़क किनारे कचरे के ढेर दिखाई दिए। इनके कंधों पर सफाई का जिम्मा था, वह अपनी मांगों को लेकर नगर निगम परिसर में एकजुट थे। परिसर में कई बार नारेबाजी हुई। दोपहर में निगम के कार्यकारिणी हॉल में सफाई कर्मचारियों व यूनियन पदाधिकारियों के साथ नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल, अपर नगरायुक्त एसपी यादव की बैठक शुरू हुई। इसमें बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी मौजूद रहे। एक-बार तो लगा कि सहमति के बाद हड़ताल समाप्त हो जाएगी लेकिन मारपीट के आरोपी पार्षद की गिरफ्तारी की मांग पर बात बिगड़ गई। यूनियन पदाधिकारी और सफाई कर्मचारी मारपीट करने के आरोपी पार्षद की मांग पर अड़ गए। साथ ही उनकी मांग थी कि सफाई कर्मचारियों की फील्ड में सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। करीब डेढ़ घंटे तक चली बैठक विफल रही।

शहर में खड़ा हो गया संकट
बैठक के विफल होने के साथ ही शहर में सफाई व्यवस्था का संकट खड़ा हो गया। ऐसे में लगातार दूसरे दिन साफ-सफाई न होने से शहर में जगह-जगह कचरे का ढेर लगना तय है। बाजारों और अन्य सार्वजनिक जगहों पर लोगों को अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

मांगों पर कोई भी संतुष्ट प्रतिक्रिया नहीं
नगर निगम कर्मचारी संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष विनोद इलाहाबादी ने बताया कि नगर आयुक्त से हमारी दो मांगों पर काफी देर तक चर्चा हुई लेकिन यह चर्चा असफल साबित हुई क्योंकि नगर निगम द्वारा हमारी दोनों ही मांगों पर कोई भी संतुष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। हमारी सिर्फ दो मांगे हैं कि वार्ड 86 के पार्षद ऋ षभ गुप्ता द्वारा उनके सफाई नायक विकास दीप के साथ जो घटना की गई, उस पर कार्रवाई की जाए और पार्षद को गिरफ्तार किया जाए। साथ ही एसएन मेडिकल कॉलेज में अनिल मिश्रा ने पिंकी डागौर के साथ जो जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया है। उस संबंध में भी कड़ी कार्रवाई की जाए। लेकिन नगर निगम अधिकारियों ने इन दोनों ही मामलों में किसी पर कड़ी कार्रवाई करने की सहमति नहीं जताई। अगर किसी अधिकारी के साथ कोई अभद्रता या बदतमीजी होती है, तो आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाती है। लेकिन कर्मचारियों के साथ इस तरह की घटना सामने आने के बावजूद भी नगर निगम द्वारा कोई भी कड़ी कार्रवाई नहीं की जा रही। संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष श्याम कुमार करुणेश ने कहा कि बैठक में मारपीट करने के आरोपी पार्षद की गिरफ्तारी की मांग की गई। जिस पर अधिकारी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।

निगम एरियाज में कहीं भी सफाई नहीं
विनोद इलाहाबादी ने बताया कि जब तक संबंधित पार्षद और अनिल मिश्रा को पुलिस गिरफ्तार नहीं करती। तब तक सफाई कर्मचारियों का धरना जारी रहेगा। नगर निगम क्षेत्र में कहीं भी कोई भी सफाई कार्य नहीं किया जाएगा।

हड़ताल पर कर्मचारी
1135 स्थाई
552 संविदा
3000 करीब आउटसोर्सिंग


शहर की स्थिति
100 वार्ड
3.5 लाख के करीब हाउसहोल्ड
26 सेनेटरी इंस्पेक्टर
6 सुपरवाइजर

अधिकारियों के साथ वार्ता विफल रही। हमारी मांग थी कि मारपीट करने के आरोपी पार्षद की गिरफ्तारी हो। जब तक अफसर मांग नहीं मानते हड़ताल जारी रहेगी।
विनोद इलाहाबादी, उपाध्यक्ष, आगरा नगर निगम कर्मचारी संघर्ष समिति

सफाई नायक से मारपीट व एसएन प्रकरण, दोनों में कार्रवाई होनी चाहिए। दोनों में मुकदमा दर्ज हो चुका है। हमारी मांग है कि आरोपियों की गिरफ्तारी हो। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने तक हड़ताल जारी रहेगी।
श्याम कुमार करुणेश, उपाध्यक्ष, आगरा नगर निगम कर्मचारी संघर्ष समिति

मंगलवार को शहर में जगह-जगह कचरा दिखा। सबसे अधिक समस्या बाजारों में दिखाई दी। प्रशासन को जल्द से जल्द सफाई कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त करानी चाहिए, जिससे सफाई व्यवस्था दुरुस्त रहे।
नितिन