आगरा। ब्यूरो : हर किसी की लाइफ भागदौड़ भरी है। ऐसे में हर कोई जल्दी स्वस्थ होना चाहता है। आमतौर पर कंजक्टवाइटिस के ठीक होने से सात से चौदह दिन का समय लगता है। एहतियात बरतने और नॉर्मल आई ड्रॉप लुब्रिकेंट यूज करने पर यह पांच से आठ दिन में भी ठीक हो जाता है। लेकिन लोग दो से तीन दिन में आराम पाने की चाहत में स्टेरॉयड आई ड्रॉप का यूज कर रहे हैं। यह फौरी तौर पर आंखों को आराम देता है लेकिन अधिक यूज करने पर इससे ग्लूकोमा या कैटरेक्ट होने के चांसेज हो जाते हैं। कॉर्निया इनवॉल्व होने पर आंखों की रोशनी भी जा सकती है। डॉक्टर्स कतई स्टेरॉयड के यूज करने की सलाह नही देते हैं।

डॉक्टर से लें सलाह
डॉक्टर्स कहते हैं कि अंधाधुंध स्टेरॉयड आई ड्रॉप का यूज खतरनाक है। इनके बिना डॉक्टरी सलाह ओवर द काउंटर बिक्री को रोकना चाहिए। इससे लोगों की आंखों को नुकसान पहुंच रहा है। कंजक्टवाइटिस का संक्रमण बढऩे पर ऐसे केसेज भी आने लगे हैं। ऐसे में अगर आंखों में लालिमा, चुभन, जलन और खुजली की शिकायत हो रही है तो अधिकतम प्लेन एंटी बायटिक का यूज कर सकते हैं। लेकिन इसके लिए भी डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। इसके साथ एंटी एलर्जिक और लुब्रीकेंट आई ड्रॉप का यूज किया जा सकता है।

स्टेरॉयड यूज करने के नुकसान
- आंखों में एंटी बायटिक रजिस्टेंस पावर बढ़ सकती है जो भविष्य में संक्रमण होने पर अधिक खतरनाक साबित होगी।
- ग्लूकोमा और कैटरेक्ट होने के चांसेज अधिक हो जाते हैैं।
- कॉर्निया कनेक्ट होने पर आंखों की रोशनी जाने का भी खतरा हो सकता है।
- स्टेरॉयड उपयोग के दो सप्ताह बाद कॉर्निया पर धब्बे होने या दबाव बढऩे का खतरा हो सकता है।

एम्स ने भी मरीजों को चेताया
देश भर में आई फ्लू के मामले बढऩे पर खुद एम्स नई दिल्ली ने भी मरीजों को स्टेरॉयड का यूज नही करने की सलाह दी है। डॉक्टर्स का कहना है कि मरीज दवा की दुकानों से खुद ऐसे ड्रॉप खरीदकर यूज कर रहे हैं जो बिल्कुल ठीक नही है।

आईफ्लू होने पर यह सावधानी बरतें
- डॉक्टर की सलाह पर आई ड्राप का इस्तेमाल
- आंखों की सफाई के लिए कॉटन और ठंडे का पानी का यूज करें
- आंखों को धोने के लिए माइल्ड साबुन का इस्तेमाल करें।
- आई ड्रॉप इस्तेमाल करने से पहले हाथों को साबुन से कसकर धोएं।
- अगर दोनों आंखें लाल नहीं हैं तो दोनों में एक ही आई ड्रॉप का यूज न करें।
- आंखों को रगडने से बचें, इससे लक्षण अधिक खराब हो सकते हैं।


मार्केट में आई ड्रॉप हुई शॉर्ट
जैसे जैसे आई फ्लू यानी कंजक्टवाइटिस के मामले बढ़ रहे हैं मार्केट से कई आईड्रॉप की कमी हो गई है। बड़ी दवा कंपनियों के आई ड्रॉप मार्केट में शॉर्ट हो गए हैैं। आगरा केमिस्ट एसोसिएशन के प्रेसिडेट आशीष शर्मा बताते हैैं कि कई आई ड्रॉप की मार्केट में शार्टेज हो गई है।


आईफ्लू आमतौर पर माइल्ड दवा से तीन से पांच दिन में ठीक हो रहा है। लेकिन अपनी मर्जी से इसमें कोई दवा न लें। आई स्पेशलिस्ट से सलाह लेकर ही दवा डालें। कई बार स्टोरॉयड लेने से आंखों में अल्सर आदि की शिकायत होने पर गंभीर स्थिति हो सकती है।
- डॉ। प्रदीप साने, सीनियर आई सर्जन

आई फ्लू होने पर पहले डॉक्टर को दिखाएं। यह वायरल या बैक्टीरियल भी हो सकता है। उसी के अनुसार इसमें ट्रीटमेंट दिया जाता है। अपनी मर्जी से स्टेरॉयड दवा खरीदकर न डालें। यह आंखों के लिए घातक हो सकती हैैं।
- डॉ। मयंक महाजन, कंसल्टेंट ऑप्थेल्मोलॉजिस्ट

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