आगरा(ब्यूरो)। World Heart Day 2023: शहर प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट डॉ। प्रवेग गोयल ने बताया कि जिम को एब्स बनाने के एटीट्यूड से नहीं बल्कि फिट रहने के एटीट्यूड से करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि कई बार जिम में लोग जल्दी एब्स बनाने की चाह में अधिक एक्सरसाइज करते हैैं। इसके साथ ही ग्लूटेन और स्टिमुलेशन लेते हैैं। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसका असर हार्ट पर भी हो सकता है।

समय नहीं तो रुटीन में शामिल करें एक्सरसाइज
डॉ। गोयल ने बताया कि आजकल ज्यादातर लोगों की लाइफस्टाइल हेक्टिक हो गई है। इस कारण लोग फिजिकल एक्टिविटी नहीं कर पाते हैैं। ऐसे में डेली रूटीन में ही फिजिकल एक्टिविटी को समय दें। जैसे ऑफिस में लिफ्ट का यूज करने के बजाय स्टेयर्स का इस्तेमाल करें। यदि ऑफिस एक किलोमीटर के आस-पास है तो पैदल ही ऑफिस जाएं। ऑफिस के दौरान समय मिले तो कुछ देर वॉक कर लें। ऐसा करने से आपका हार्ट स्वस्थ रहेगा।

सिगरेट, अल्कोहल लेते हैैं तो हो जाएं सावधान
डॉ। गोयल ने बताया कि जो लोग स्मोकिंग करते हैैं या फिर अल्कोहल लेते हैैं तो सचेत हो जाएं। ऐसे में समय पर अपने रूटीन चेकअप कराएं। उन्होंने बताया कि आमतौर पर 35 की उम्र के बाद में हर साल अपना रुटीन चेकअप कराना चाहिए। जिन लोगों को रिस्क फैक्टर है जैसे- किसी की फैमिली में पहले से हार्ट डिजीज की हिस्ट्री है, बीपी, शुगर है या फिर अल्कोहल का सेवन करते हैैं या फिर स्मोकिंग करते हैैं तो 30 साल की उम्र से ही अपना रुटीन चेक अप कराएं।

स्वस्थ खाना खाएं
डॉ। गोयल ने बताया कि चीनी वाले पेय पदार्थों को खाना कम करें, इसके बजाय आप फ्रेश फ्रूट्स का सेवन करें। प्रोसेस्ड फूड को खाने से बचें। इनमें ज्याद चीनी, नमक और फैट होता है। इसके साथ ही तंबाकू उत्पादों का सेवन कम करें या करने से बचें।

तनाव से तेज धड़क रहा दिल
एसएन मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के प्रो। प्रभात अग्रवाल ने बताया कि इंडियन हार्ट हेल्थ एसोसिएशन की रिपोर्ट के अनुसार, हार्ट अटैक के 50 प्रतिशत मरीज 50 से कम उम्र के हैं, जबकि 25 प्रतिशत की उम्र 40 से कम है। पिछले पांच वर्षों में युवाओं में हार्ट अटैक बढ़ा है। इसका एक बड़ा कारण तनाव है। तनाव में रहने पर कार्टिकोस्टेरायड और एड्रनल हार्मोन निकलते हैं, ये हार्मोन दिल की धड़कन को बढ़ा देते हैं। एक मिनट में दिल 72 बार धड़कना चाहिए, लेकिन 100 बार से ज्यादा धड़क रहा है। इससे दिल की मांसपेशियां कमजोर कार्डियोमायोपैथी हो रही हैं। फास्ट फूड खाने से शरीर में नमक अधिक पहुंच रहा है, एक दिन में एक चम्मच नमक लेना चाहिए। इससे ब्लड वॉल्यूम बढ़ रहा है और दिल को ज्यादा खून पंप करना पड़ रहा है। इसके कारण युवाओं में हृदय रोग की समस्या बढऩे लगी है।

यह करें
- रोजाना पैदल चलें
- जिम में केवल वर्कआउट करने जाएं
- एब्स बनाने की चाह में ओवर एक्सरसाइज न करें
- ग्लूटेन या स्टिमुलेशन लेने से बचें, यह बॉडी को नुकसान पहुंचाती है
- बाहर का खाना से बचें, फैट और शुगर को खाने में कम करेंं, प्रोटीन डाइट ज्यादा लें
- अल्कोहल को तय मात्रा में ही लें
- नींद पूरी करें
- 30 की उम्र के बाद में अपनी रूटीन जांच कराएं।

संदेह होने पर यह जांच कराएं
ईसीजी-हार्ट अटैक पडऩे पर ही असमान्य आता है
ट्रॉप टी टेस्ट-हार्ट अटैक पडऩे और पूर्व में पड़ चुके हार्ट अटैक के बारे में बताता है
ईको-हार्ट की सेहत बताता है
टीएमटी-हार्ट अटैक पडऩे का रिस्क बताता है
एंजियोग्राफी-हार्ट को खून की आपूर्ति करने वाली धमनियों में रुकावट का पता चलता है


सेडेंट्री लाइफस्टाइल हार्ट के पेशेंट्स की संख्या बढ़ा रही है। रोजाना फिजिकल एक्टिविटी करें। खाने पीने का भी ध्यान रखें।
- डॉ। प्रवेग गोयल, सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट, सिनर्जी हॉस्पिटल

तनाव में रहने पर कार्टिकोस्टेरायड और एड्रनल हार्मोन निकलते हैं, ये हार्मोन दिल की धड़कन को बढ़ा देते हैं।
- डॉ। प्रभात अग्रवाल, प्रोफेसर, मेडिसिन विभाग, एसएनएमसी