जलस्तर

गंगा: 81.53 मीटर

यमुना: 81.30 मीटर

खतरे का निशान: 84.73 मीटर

-तेजी से बढ़ रहा है गंगा-यमुना का जलस्तर

-बड़े हनुमानजी मंदिर से चंद मीटर दूर रह गया संगम का पानी

PRAYAGRAJ: नदियों की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार को गंगा और यमुना का जलस्तर 81 मीटर के दायरे को क्रॉस कर गया था। संगम का पानी भी बंधवा के बड़े हनुमानजी मंदिर से चंद मीटर दूर रह गया है। इस बीच कछार के इलाकों में हलचल तेज होने लगी है। अधिकारियों का कहना है कि पानी इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो आबादी के लिए दिक्कत पैदा हो सकती है।

37 और 44 सेमी बढ़ा जलस्तर

गंगा और यमुना का जलस्तर शुक्रवार को तेजी से बढ़ा। गंगा में पिछले चौबीस घंटे में 37 सेमी तो यमुना में 44 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। इसने अधिकारियों को भी चौकन्ना कर दिया। बताया जा रहा है कि नरौरा और कानपुर बैराज से छोड़े गए पानी की वजह से यह तेजी दिख रही है। वहीं यमुना में माता टीला बांध से आ रहा पानी भी गंगा के उफान में बढ़ोतरी कर रहा है। हालांकि देर शाम दोनों नदियों के जलस्तर में गिरावट भी देखी गई लेकिन भविष्य में पुन: बढ़ोतरी के आसान नजर आ रहे हैं।

बंधवा पर टिकी लोगों की नजरें

बंधवा पर लोगों की नजरें टिकी हुई हैं। बड़े हनुमानजी मंदिर के करीब पहुंच चुके संगम के पानी के भीतर जाने का लोग इंतजार कर रहे हैं। उनको उम्मीद है कि जल्द ही बजरंग बली गंगा जल से स्नान कर लेंगे। पिछले साल भी गंगा ने मंदिर में प्रवेश कर बजरंग बली को स्नान कराया था। इन क्षणों का लोग प्रयागराज में सालभर इंतजार करते हैं।

बाढ़ नहीं आने की कर रहे प्रार्थना

हालांकि कछार में रहने वाले हजारों लोग इस साल बाढ़ नहीं आने की प्रार्थना भगवान से कर रहे हैं। उनका कहना है कि केारोना काल में उनका घर छोड़ना ठीक नहीं होगा। ऐसे में नदियों का पानी लौट जाए तो बेहतर होगा। अगर बाढ़ आई तो हजारों लोग बेघर हो जाएंगे। जिस समस्या का सामना करना बेहद मुश्किल होगा।

शुक्रवार की सुबह तक पानी की रफ्तार काफी अधिक थी। लेकिन शाम होते-होते पानी स्थिर हुआ और फिर गिरावट दर्ज की गई। हालांकि पीछे से आने वाला पानी फिर से बढ़ोतरी को दावत दे सकता है। हमारी नजर पानी के स्टेटस पर बनी हुई है।

-ब्रजेश कुमार, ईई, सिंचाई विभाग

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