अब भी बंद है मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में खिलाडि़यों का प्रवेश

स्टेडियम के बाहर ही पसीना बहा रहे हैं स्पो‌र्ट्स में कॅरियर बनाने का सपना देखने वाले खिलाड़ी

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PRAYAGRAJ: कोरोना संक्रमण के धीरे-धीरे कम होने बाद आम लोगों की भी जिंदगी पटरी पर लौटने लगी है। वीकली लॉकडाउन के अलावा सभी तरह की मार्केट ओपेन कर दी गई है। लेकिन खिलाडि़यों की लाइफ अभी भी पूरी तरह से पटरी पर नहीं लौट सकी है। अनलॉक की शुरुआत हुए 22 दिन बीतने के बाद भी मदन मोहन मालवीय स्टेडियम अभी तक खिलाडि़यों के लिए ओपेन नहीं हो सका है। यहीं कारण है कि खिलाड़ी हर रोज स्टेडियम तो जरूर पहुंच रहे हैं, लेकिन प्रैक्टिस के लिए उन्हें स्टेडियम के बाहर ही रोड का सहारा लेना पड़ रहा है। ऐसे में उनकी प्रैक्टिस भी सही ढंग से नहीं हो पा रही है।

मॉल और रेस्टोरेंट खुल गए, कब खुलेगा स्टेडियम

दैनिक जागरण आई-नेक्स्ट ने मंगलवार को मदन मोहन मालवीय स्टेडियम के बाहर प्रैक्टिस कर रहे खिलाडि़यों से बात की। उन्होंने कहा कि जब सरकार से मॉल और रेस्टोरेंट तक खोलने की इजाजत दे दी है। तो अब प्रैक्टिस के लिए स्टेडियम को भी खुलना चहिए। जिससे खिलाड़ी सही प्रकार से प्रैक्टिस कर सके। स्टेडियम नहीं खुलने के कारण कोई भी खिलाड़ी प्रैक्टिस नहीं कर पा रहा है। ऐसे में हाल के दिनों में हुए स्टेट लेवल प्रतियोगिताओं में भी स्टेडियम का कोई खिलाड़ी प्रतिभाग नहीं कर सका है। 21 जून को ही ग्रैंड पिक्स प्रतियोगिता हुई। उसमें भी स्टेडियम से कोई भी खिलाड़ी नहीं शामिल हुए। इसी प्रकार 26 जून को होने वाले नेशनल अंडर स्टेट प्रतियोगिता हो रही है। लेकिन उसमें भी किसी भी खिलाड़ी के शामिल होने की कोई आसार नहीं दिख रहा है। ऐसे में आने वाले स्पो‌र्ट्स प्रतियोगिताओं में भी खिलाडि़यों के शामिल होने की उम्मीद नहीं दिख रही है।

प्रैक्टिस पर भी पड़ रहा असर

एथलेटिक्स खिलाडि़यों ने बताया कि रोड पर सही ढंग से प्रैक्टिस नहीं हो पा रही है। इससे उनकी परफार्मेस पर असर पड़ेगा। स्टेडियम के अधिकारी भी कुछ नहीं बता पा रहे हैं कि स्टेडियम कब खुलेगा। ऐसे में सुबह शाम सिर्फ एथलेटिक्स के खिलाड़ी ही स्टेडियम के बाहर प्रैक्टिस के लिए पहुंच रहे हैं। जबकि अन्य खेलों के खिलाडि़यों की प्रैक्टिस शून्य हो रही है।

जनवरी के बाद कोई प्रतियोगिता नहीं

शाटपुट खिलाड़ी भावना उपाध्याय ने बताया कि जनवरी के बाद किसी भी प्रतियोगिता में प्रतिभाग नहीं कर सकी हैं। जनवरी में जूनियर स्टेट अंडर 18 प्रतियोगिता में शामिल हुए थे। वहीं डिस्को थ्रो खिलाड़ी रेनू यादव ने बताया कि उन्होंने जनवरी के बाद किसी भी प्रतियोगिता में भाग नहीं लिया है। कहा कि जब प्रैक्टिस नहीं है, तो आगे किसी प्रतियोगिता में प्रतिभाग करना संभव नहीं हो सकेगा।

- स्टेडियम बंद होने से जरूरी सामान भी नहीं मिल पाता है। साथ ही प्रैक्टिस सही नहीं होने के कारण किसी भी प्रतियोगिता में प्रतिभाग नहीं कर पा रहे हैं।

शिवम पाण्डेय

- एथलेटिक्स 400 मीटर का धावक हूं। लेकिन फिलहाल प्रैक्टिस नहीं होने से किसी भी प्रतियोगिता में शामिल होने की स्थिति में नहीं हुं।

शिवांग मिश्रा

- शार्ट पुट की आखिरी प्रतियोगिता जनवरी में हुई थी। उसके बाद से किसी भी प्रतियोगिता में भाग नहीं लिया है।

भावना उपाध्याय

- डिस्कस थ्रो की प्रैक्टिस के लिए स्टेडियम का खुलना जरूरी है। डेली इसी उम्मीद में आते हैं कि शायद अब खुल जाए। वैसे उम्मीद है कि 1 जुलाई से खुल सकता है।

रेनू यादव