बरेली (ब्यूरो)। राम तेरी गंगा अब मैली नहीं होगी। जी हां इसके लिए नगर निगम अब सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से नालों का पानी ट्रीट करने के बाद ही रामगंगा में छोड़ेगा। नगर निगम की तरफ बनाए जा रहे तीन एसटीपी यानि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट अब बनकर तैयार हो गए हैं। इसके लिए पहला ट्रॉयल भी पूरा कर लिया गया है। जून तक तीनों एसटीपी से 15 नाला जोड़ दिए जाएंगे। इसके बाद नालों का पानी साफ होना शुरू हो जाएगा। इससे बरेलियंस को बड़ी राहत मिलेगी।

शोधित होगा पानी
नगर निगम के 53 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी का ट्रायल पूरा होते ही नालों का पानी इससे साफ होना शुरू होगा। एसटीपी के तहत देवरनियां, नकटिया और चौबारी नदी में गिरने वाले 15 नालों का पानी शोधित किया जाएगा। कार्यदायी संस्था निर्माण के साथ ही अगले 15 साल तक इन एसटीपी की मेंटीनेंस का भी काम करेगी। ताकि कोई भी काम हो उसे कार्यदायी संस्था तुंरत पूरा कर सकेगी।

जल्द होगा शुरू
देवरनियां, नकटिया व चौबारी नदी में प्रवाहित हो रहे प्रदूषित जल की रोकथाम के लिए 272 करोड़ रुपए से एसटीपी तैयार किए गए हैं। शहर के तीन स्थानों पर एसटीपी लगाए हैं। हरुनगला में बीसलपुर रोड के पास 42 मिलियंस आफ लीटर पर डे (एमएलडी), हवाई अड्डे के पास ततारपुर में एक एमएलडी और बारी नगला में चौबारी नाले पर एसटीपी बनना है। इसके अलावा जल निगम बाकरगंज के पास सराय तल्फी में 35 एमएलडी का एसटीपी लगा चुका है।

हरुनगला में आएंगे 13 नाले
नगर निगम एरिया के बैरियर टू चौकी के पास से सेटेलाइट चौराहा तक 13 नाला है। यह सभी ऐसे नाला हैं जिनका नकटिया नदी में नदी पर बने एसटीपी में पहुंचाकर शोधित किया जाएगा। उसके बाद उन्हें नकटिया नदी में गिराया जाएगा। इन नालों के पानी को एसटीपी तक पहुंचाने के लिए करीब 16 किलोमीटर लंबी इंटरसेप्टिक पाइप लाइन बिछी है। इसमें धौरेरा माफी बैरियर नाला, धौरेरा माफी गांव नाला, सौ फुटा रोड नाला, जगतपुर पुलिस चौकी नाला, सुपर सिटी नला, सनराइज कालोनी नाला, आशीष रायल पार्क नाला, रुहेलखंड विवि नाला, महानगर नाला, हरुनगला नाला, हरुनगला नाला दो, ग्रीन पार्क नाला, सेटेलाइट बस नाला के पानी को ले जाकर एसटीपी तक पहुंचाया जाएगा।

जलजीव होंगे सुरक्षित
नगर निगम की तरफ से बनाए गए एसटीपी से सबसे अधिक जलीय जीव और पशुओं को फायदा होगा। अफसरों का कहना है कि रामगंगा और नकटिया नदी में जब शोधित पानी जाएगा तो वहां पर नदी में रहने वाली जलीय जीव जो हैं उनको नुकसान नहीं होगा। कई बार नदी के जलीय जीवों की मौत तक हो जाती है।

सिचाई में भी आएगा काम
नगर निगम की तरफ से जो पानी शोधित किया जाएगा उसे सिचाई के भी काम में लिया जा सकता है। इससे फसलों को लाभ होगा और नगर निगम को भी कुछ इनकम मिल सकेगी।

नगर निगम ने शहर के तीन स्थानों पर एसटीपी का निर्माण पूरा हो चुका है। मार्च के महीने में ट्रायल भी हो गया है। अब फाइनल ट्रायल चल रहा है जो कुछ दिनों तक चलेगा। इसके बाद एसटीपी को शुरू किया जाएगा।
कुमकुम गंगवार, एक्सईएन जल निगम