- सेतु निगम ने ट्रांसमिशन विभाग को दिए 5.85 करोड़ रुपये, हटेगी लाइन

- करीब 92 फीसद हो चुका है सेटेलाइट ओवरब्रिज का निर्माण, बढ़ेगी गति

बरेली : सेटेलाइट तिराहे पर ओवरब्रिज निर्माण की अंतिम बाधा भी दूर होने की कवायद पूरी हो चुकी है। सेतु निगम ने हाईटेंशन लाइन हटाने के लिए ट्रांसमिशन विभाग को रकम हस्तांतरित कर दी है। इसके बाद ट्रांसमिशन विभाग ने हाईटेंशन लाइन हटाने की तैयारी शुरू कर दी है।

यातायात को मिलेगी सुगमता

शासन ने वर्ष 2018 में सेटेलाइट तिराहे पर करीब 597 मीटर लंबे ओवरब्रिज के निर्माण की मंजूरी दी थी। इसके बनने से लखनऊ से शहर आने वाले यातायात को सुगमता होगी। इसके निर्माण के लिए 26.78 करोड़ रुपये का बजट भी आवंटित किया गया। सेतु निगम ने तमाम औपचारिकताओं को पूरा कर दिसंबर 2018 से पुल का निर्माण शुरू कराया। अक्टूबर 2020 तक पुल का निर्माण पूरा करने का समय निर्धारित किया गया था। पुल निर्माण में शुरू से ही अड़चने पड़ती रही। शुरुआत में वन विभाग की आपत्ति के कारण काम रोका गया। बिजली के पोल हटाने के लिए विद्युत निगम को करीब 68 लाख रुपये दिए गए। अब पुल के ऊपर से गुजर रही 132 केवी हाईटेंशन लाइन के तार इसके निर्माण में बाधा बन रहे हैं। इसे हटाने के लिए ट्रांसमिशन विभाग ने 5.85 करोड़ रुपये का एस्टीमेट सेतु निगम को दिया था। सेतु निगम ने दिवाली से पहले ट्रांसमिशन विभाग को धनराशि हस्तांतरित कर दी है। अब एचटी लाइन के शिफ्ट होने के उम्मीद बढ़ गई है, जिसके लिए ट्रांसमिशन विभाग लग गया है।

पुल पर 92 फीसद से अधिक निर्माण

सेतु निगम ने पुल के दोनों ओर का भाग पूरा कर दिया है। सभी पिलर बन चुके हैं, बीच की छतों का निर्माण ही बचा है। नीचे सर्विस रोड भी बना दी गई है। अधिकारियों के अनुसार एचटी लाइन हटने के बाद एक महीने का ही काम बचेगा। उसे भी जल्द पूरा कराने के सेतु निगम जुटा है।

निर्माणाधीन पुल के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन को हटाने के लिए ट्रांसमिशन विभाग को रकम हस्तांतरित कर दी गई है। एचटी लाइन हटने के बाद पुल पर बचा हुआ काम काफी तेजी से पूरा करा लिया जाएगा।

देवेंद्र सिंह, मुख्य परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम