दो महीने से रह रहा था  

70 वर्षीय गोकुलराम भगवंतापुर भोजीपुरा का रहने वाला था। वह दो महीने से न्यू मॉडल कॉलोनी निवासी अरुण गुप्ता के बीडीए कॉलोनी मठ कमल नैनपुर में निमार्णाधीन मकान की रखवाली कर रहा था। गोकुल को अरुण के मकान में उसके समधी होरीलाल ने काम पर लगवाया था।

रात दस बजे हुई बात

मकान मालिक अरुण गुप्ता ने बताया कि फ्राइडे नाइट दस बजे उनकी गोकुलराम से बात हुई थी। उन्होंने आराम से ठंड का बचाव करते हुए सोने की बात कही थी। सैटरडे सुबह जब वह मकान पर पहुंचे तो देखा कि गोकुलराम की तख्त पर लाश पड़ी हुई थी। गोकुल की गर्दन किसी धारदार हथियार से काटी गई थी। उन्होंने तुरंत 100 नंबर पर पुलिस को इंफार्म किया। सूचना के करीब एक घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची।

लूट का रूप देने का प्रयास

पुलिस और फील्ड यूनिट ने पाया कि गोकुल जिस तख्त पर लेटा हुआ था उस पर साड़ी की मच्छरदानी लगी थी, जिसे एक ओर चेहरे की तरफ से हटाया गया था। अंदेशा है कि उसके बाद गर्दन को रेत दिया गया। इससे साफ है कि मर्डर प्री प्लानिंग के तहत किया गया और गोकुल को विरोध करने का मौका भी नहीं मिला। वहीं मर्डर को चोरी या लूट का रूप देने के लिए मकान से मोटर व लोहे का सामान भी गायब किया गया। इतनी संख्या में सामान गायब होने से लगता है कि इस वारदात में एक से अधिक लोग शामिल रहे होंगे।

मोबाइल फोन गायब

गोकुल अपने पास मोबाइल फोन रखते थे। मकान मालिक अरुण की उनसे रात दस बजे बात हुई थी। रात में उनकी परिवार से भी बात हुई थी। लेकिन गोकुल का मोबाइल मौके से गायब मिला है। उनके बेड के पास ही मोबाइल का चार्जर मिला है। यही नहीं बेड पर ही टार्च भी पड़ी मिली है। पुलिस गोकुल के मोबाइल की काल डिटेल निकालने की बात कह रही है।