बरेली (ब्यूरो)। फिलॉसफी एक ऐसा सब्जेक्ट है, जो लोगों को लाइफ का एक गोल प्रोवाइड करता है, लेकिन बरेली के स्टूडेंट्स को इसमें खास रुची नहीं रखते हैै। बरेली कॉलेज और एमजेपीआरयू दोनो में ही 50 पर्सेंट सीट्स भी नहीं भर पा रही हैैं।

भारत ने दिए हैं पचासों दार्शनिक
सप्तऋषियों से लेकर पराशर, अष्टावक्र, चारवाक, पाणिनि, पतंजलि, पिंगल, वात्सायन, वाचस्पति, ओशो और यूजी कृष्णामूर्ति जैसे पचासों दार्शनिक हुए हैं। इनमें से कई ने सिर्फ इंडिया ही नहीं विदेशों में भी अपनी अलग पहचान बनाई है।

करियर में है कई अपार्चुनिटी
फिलॉसफी कई करियर अपार्चुनिटी देता हैै। टीचिंग के साथ ही आईएएस, पीसीएस, फिलॉसफी काउंसिलिंग और रिलीजियस एडवाइजरी में करियर है। यह स्किल्स बढ़ाने और अलग-अलग फील्ड्स में काम करने के लिए काफी मददगार साबित होती है। फिलॉसफी लोगों को लॉजिकल जवाब देने और लाइफ की प्रॉब्लम को सॉलव करने में मेजर रोल प्ले करती है।

टीचिंग में करियर
फिलॉसफी की डिग्री सभी स्तरों पर करियर के लिए एक अच्छी नींव देती हैै, क्योंकि पूरी डिग्री के दौरान पर्सन में एक्सिलेंट कम्यूनिकेशन और महत्वपूर्ण थिंकिंग स्किल डेवलप होती है। ये टीचिंग कैरियर में बहुत इंपॉर्टेंट होता है। इसके अलावा अदर एजुकेशन स्किल भी इंपोर्टेंट होती हैै।

पब्लिक सेक्टर में करियर
पब्लिक सेक्टर में करियर बहुत डाइवर्स हैं। पर्सनालिटी डेवलपमेंट में भी इसका बहुत रोल है। जो लोग फिलॉसफी का अध्ययन करते हैं उन्हें पब्लिक सेक्टर में करियर की संभावनाएं हैैं। यह सामान्य एनालिटिकल क्षमता भी बढ़ाता है। पब्लिक सेक्टर में संभावित करियर में सिविल सेवाएं, सरकार, स्वास्थ्य सेवाएं, पुलिस फोर्स आदि में कई स्कोप शामिल हैैं। देश के सबसे टफ एग्जाम माने जाने वाले यूपीएससी में भी इसको अलग से जगह दी गई है। यह एक सिविल सर्वेंट को संवेदनशील होने के साथ-साथ एक्टिव भी होने में मदद करती है।

फिलॉसफी काउंसलिंग
आजकल लोग फिलॉसफी को एज अ करियर काउंसलिंग भी यूज कर रहे हैैं। बरेली कॉलेज के प्रो। राकेश कुमार ने बताया कि हाल ही में एक रिसर्च हुई थी, जिसमें ये मिला कि जहां मनोविज्ञान फेल हो गया वहां फिलॉसफी ने लोगों को ठीक किया हैै। लोग काउंसलिंग के लिए फिलॉसफी का सहारा ले रहे हैैं।

रिलीजस एडवाइजर्स
आज कल फिलॉसफी के स्टूडेंट्स की जगह रिलीजियस एडवाइजर्स के रूप में भी करियर है। रुहेलखंड यूनिवर्सिटी में फिलॉसफी के डीन प्रो। रज्जन कुमार ने बताया कि कई जगह रिलिजियस एडवाइजर्स, फिलॉसफी पढ़े लोगों से मदद लेते हैैं। उनसे एडवाइज लेते हैं। यह अपॉर्चुनिटी जल्द ही सामने आई है। यह लोगों की मानसिक चेतना को जगाता हैै। बरेली कॉलेज में गे्रजुएशन में कुल 21 स्टूडेंट्स है। वहीं पोस्ट ग्रैजुएशन में सात स्टूडेंट्स हैं। कुछ ऐसा ही हाल एमजेपीआरयू के फिलॉसफी डिपार्टमेंट का भी है। यहां सिर्फ मास्टर्स की पढ़ाई कराई जाती है। 40 स्टूडेंट्स वाले बैच में सिर्फ 12 स्टूडेंट्स की स्ट्रैैंथ है। वहीं 2020 और 2021 में एक स्टूड़ेंट ने पीएचडी की, 2022 में यह संख्या बढक़र पांच हुई।

इनकी भी सुनें
फिलॉसफी लोगों को अपने इमोशन पर कंट्रोल करना सिखाती हैैं। यह लोगों को बाहरी डिट्रैक्शन से दूर करती हैै। इमोशन को ओप्ट करना सिखाती हैै फिलॉसफी।
अरीशा खान, स्टूडेंट

पर्सनालिटी को इंप्रोवाइज करने में फिलॉसफी इंपोर्टेेंट रोल प्ले करता हैै। जहां फॉरेन से लोग इसमें इंट्रैस्ट दिखा रहे हैं, वहां इंडियंस इससे दूर भागते दिख रहे हैैं।
प्रिया सिंह, स्टूडेंट

फिलॉसफी गिव एंड टेक जैसा सब्जेक्ट है। हम जितना इसको समझते हैैं। यह उतना ही हमें अच्छा इंसान बनने में मदद करता हैं। यह हमारे जड़ पर प्रभाव डालता है। लोगों के अंदर की मानसिक कमी को दूर करता है।
रज्जन सिंह, डीन ऑफ एजुकेशन

फिलॉसफी ह्युमन को रिक्रिएट करने में मदद करती है। इसके कई पार्ट को लोग अलग-अलग नाम से पढ़ रहे हैैं जैसे कि मैडिटेशन, योगा आदि यह सब इसी का भाग हैै। ज्ञान का विशाल भंडार है फिलॉसफी।
प्रो। राकेश कुमार गुप्ता, बरेली कॉलेज