बरेली (ब्यूरो)। रोजी-रोटी के लिए दुकानदार जान हथेली पर रखकर व्यापार कर रहे हैं। खासकर फुटपाथ पर दुकानदार जीवन की परवाह किए बिना खतरे से खेलकर कारोबार करने में जुटे हैं। जी हां बरेली में शहर में सैकड़ों दुकानदार जहां दुकान लगाते हैं उसके ऊपर या तो ट्रांसफार्मर है या फिर बिजली के तार गुजर रहे हैं। भीषण गर्मी में आग लगने की कई घटनाएं हो चुकी हैंं। ज्यादातर घटनाएं शॉर्ट सर्किट की वजह से होती हैं। जिसकी वजह बिजली है। बिजली के उपकरण, तार और दूसरे सामान आग लगने के कारण बन रहे हैं। ऐसे में इनके नीचे दुकानें सजाना खतरे का सौदा साबित हो सकता है। कई बार ट्रांसफार्मर के नीचे दुकान सजी होती है और ऊपर स्पार्क हो रहा होता है। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

हर बाजार की एक जैसी तस्वीर
बरेली में कहीं भी व्यवस्थित ढंग से दुकानें नहीं हैं। फुटपाथ दुकानदार जहां भी थोड़ी जगह मिलती है, वहीं दुकान सजाकर बैठ जाते हैं। वे यह भी नहीं देखते कि जहां पर दुकान लगा रहे हैं, वहां ऊपर ट्रांसफार्मर रखा है या जानलेवा बिजली के तार गुजर रहे हैं। इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है। उन्हें तो सिर्फ रोजी-रोटी कमाने की धुन लगी रहती है। इससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। हैरानी की बात तो ये है कि दुकानदारों को ऐसा करने से कोई रोकता भी नहीं है। न नगर निगम और न ही बिजली विभाग को कोई परवाह है। शहर के श्यामगंज, कालीबाड़ी, नॉवल्टी, मिशन मार्केट आदि में ऐसी सैकड़ों दुकानें सज रही हैं, जो ट्रांसफार्मर या बिजली के तारों के नीचे हैं।

हो चुकी हैं कई घटनाएं
शहर में डीडीपुरम स्थित लूथरा टॉवर में 22 मार्च को शॉर्ट सर्किट की वजह से भीषण आग लग गई थी। इसमें 35 लोगों की जान जाते-जाते बची थी। इसके बाद मोहल्ला ख्वाजा कुतुब में स्थित टैंट के गोदाम में शॉर्ट सर्किट की होने से ही आग लग गई थी। वहीं बलवंत सिंह मार्ग स्थित ट्रांसफार्मर में भी शॉर्ट सर्किट से आग लग चुकी है।

सीन -1
श्यामगंज बाजार में कई ऐसी दुकानें हैं जो ट्रांसफार्मर के नीचे या बिजली के तारों के नीचे सज रही हैं। श्यामगंज चौराहे के पास एक दुकानदार ने तो जमीन पर रखे ट्रांसफार्मर से मिलाकर ही दुकान सजा ली है। जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

सीन-2
कालीबाड़ी में भी कई दुकानें ट्रांसफार्मर के बराबर या नीचे लगाई जाती हैं। एक महिला तो कालीबाड़ी में रखे ट्रांसफार्मर से सटाकर जनरल स्टोर और चाय की दुकान चलाती हैं। उन्होंने अपना खोखा ट्रांसफार्मर की बेरिकेडिंग से मिलाकर रखा है, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।

सीन-3
मिशन मार्केट में ट्रांसफार्मर के नीचे ही चश्मे की दुकान सजा रखी है। दुकानदार ट्रांसफार्मर से सटकर बैठता है। भीषण गर्मी में आए दिन ट्रांसफार्मर में स्पार्क होता रहता है। दुकानदार नजरअंदाज कर जान जोखिम में डालकर दुकान चलाता है। इससे कभी भी हादसा हो सकता है।

सीन -4
बरेली कॉलेज के पीछे वाले गेट के बराबर में इलेक्ट्रॉनिक की दुकान है। दुकानदार ने दुकान के बाहर लगे ट्रांसफार्मर के नीचे इलेक्ट्रॉनिक का सामान लगा रखा है। ट्रांसफार्मर में स्पार्क होने पर निकली चिंगारी से कभी भी आग की घटना हो सकती है, जिसे दुकानदार गंभीरता से नहीं ले रहा है।

वर्जन
जो लोग डेंजर जोन में दुकाने लगा रहे हैं, उन्हें जागरूक किया जाएगा कि जान जोखिम में डालकर दुकान न लगाएं। यहां से दुकानें हटा लें क्योंकि कभी हादसा हो सकता है।
विकास सिंघल, अधीक्षण अभियंता