बरेली (ब्यूरो)। शहर में 24 घंटा बिजली के दावे का ब्रैकडाउन क्यों होता है और इसके पीछे क्या वजह है, यह आम आदमी के समझ से परे है। विभाग इसके बारे में सब कुछ जानता है, पर अंजान बना रहता है। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट ने अपने दावे का ब्रेकडाउन कैंपेन के तहत संडे को ऐसी ही वजहों की ही पड़ताल की। इसमें जो सबसे बड़ी वजह नजर आई, वह है बिजली के खंभों पर तारों का मकडज़ाल। बिजली विभाग सप्लाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए भले ही अब तक करोड़ों रुपया खर्च कर चुका हो, पर शहर के अधिकांश हिस्सों में बिजले के खंभों को तारों के मकडज़ाल से निजात नहीं मिली है। विभाग के ही जानकारों का कहना है कि एक पोल से कितने बिजली कनेक्शन दिए जाने हैं, इसकी कोई लिमिट निर्धारित नहीं है। बस लोड के अनुसार कनेक्शन दिए जाते हैं। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट की टीम की पड़ताल में कुछ इस तरह दिखा शहर में बिजली सप्लाई व्यवस्था का हाल।

कटरा चांद खां
कटरा चांद खां एरिया में सिंधू नगर के आगे एक पोल पर इतने कनेक्शन जोड़ दिए कि वहां पर तारों का मकडज़ाल बन गया। इससे कोई भी कनेक्शन होल्डर फाल्ट होने पर अपना कनेक्शन वायर ढूंढ ही नहीं सकता। ऊपर से डिश कनेक्शन वालों ने भी अपने वायर इसी पोल से बांध दिए। इससे यहां पर कभी कोई हादसा होने का भी डर बना हुआ है।

बारादरी कोतवाली के पास
बारादरी पुलिस स्टेशन से कुछ आगे शाहदाना चौराहे से कांकर टोला और पुराना शहर को जाने वाली रोड पर लगे पोलों मे भी तारों का मकडज़ाल है। एक-एक पोल पर यहां दर्जनों कनेक्शन जोड़ दिए हैं। यहां के लोगों का कहना है कि कभी सप्लाई खराब होती है तो ठीक होने में घंटों समय लगता है।

सिविल लाइंस
सिविल लाइंस तो शहर का हाई प्रोफाइल वाला एरिया है। इस एरिया में स्मार्ट सिटी परियोजना के बजट से अंडर ग्राउंड केबल भी बिछाई गई है। इसके बाद भी यहां बिजली के खंभों पर तारों का जाल फैला है। यहां पर पोल्स के नीचे फड़ ठेले वालों के साथ कस्टमर्स की भी भीड़ रहती है। यहां पर तो पोल की हालत देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि कभी बिजली सप्लाई अगर खराब हो जाए तो कनेक्शन की केबल भी तलाशने में घंटो लग जाएंगे।

कालीबाड़ी एरिया
शहर के कालीबाडी एरिया में आपको जगह-जगह पोल्स पर तारों का जाल नजर आता है। यह जाल किसी और ने नहीं, बल्कि बिजली विभाग के कर्मचारियों ने ही बनाया है। यहां इसके चलते कई बार तो फॉल्ट तक हो जाते हैं। इसके बाद भी कोई ध्यान देने वाले नहीं है।

श्यामगंज मार्केट
श्यामगंज मार्केट सबसे भीड़ वाली एरिया है। यहां पर हर समय लोग शॉपिंग करने के लिए आते रहते हैं। लेकिन इस एरिया में पोल पर पचास- पचास कनेक्शन एक ही पोल से जोड़ दिए हैं। इससे यहां पर कभी भी पोल से स्पार्किंग होने लगती है।

सैलानी एरिया
सैलानी एरिया में भी बिजली सप्लाई व्यवस्था बदहाल है। यहां मार्केट वाली रोड के किनारे लगे पोल्स में तारों का जाल है। पोल में कनेक्शन के लिए लगी डीपी में क्षमता से अधिक तार जोड़ दिए हैं। इससे डीपी भी खुली पड़ी है। इसके साथ ही डिश केबल के वायर भी इन्हीं पोलों से जोड़ दिए हैं। यह सब बिजली विभाग के कर्मचारियों की सह पर ही होता है।

बोले बरेलियंस
शहर में एक एक पोल से कई-कई कनेक्शन जोड़ दिए हैं। इससे आए दिन स्पार्किंग तो होती है। इसके साथ ही कभी भी केबल वायर खराब होने पर ठीक कराने में भी समय लगता है।
रंजीत

बिजली के पोल पर डिश वायर जोडऩा तो खतरा फैलना है। अगर कभी पोल पर करंट उतारा तो इन डिश वायर के जरिए करंट घरों तक पहुंच सकता है। ऐसा कई बार हो भी चुका है। इस खतरे को लेकर विभाग भी आंखें मूदे हुए है।
सोमेश