गोरखपुर (ब्यूरो)।गोरखपुराइट्स इस बात का भी संकल्प लेंगे कि भले ही 20 मिनट योगाभ्यास करेंगे, लेकिन प्रतिदिन करेंगे। दरअसल, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी विभाग की तरफ से चलाए जा रहे योगा सप्ताह का समापन 21 जून को होगा। इस मौके पर सभी पब्लिक प्लेसेज और पार्कों में सुबह 6 बजे से योगा व प्राणायाम का सिलसिला शुरू हो जाएगा। गोरखनाथ मंदिर समेत सभी शिक्षण संस्थानों व पार्कों में माननीय व अधिकारी पहुंचकर योग करेंगे।

सारी तैयारियां हो चुकी हैं पूरी

क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी विभाग की क्षेत्रीय अधिकारी डॉ। मीनू सोनी ने बताया, इंटरनेशनल योग दिवस की तैयारी पूरी कर ली गई हैं। इसके लिए शासन स्तर पर कोई टारगेट नहीं डिसाइड किया गया है। लेकिन आठ लाख लोग योगाभ्यास करें, यह हमारी तैयारी हैैं। योगाचार्य डॉ। अशोक चंद्रा बताते हैैं कि योगासन प्रारम्भ करने से पहले सूक्ष्म योग/व्यायाम करना अतिआवश्यक होता है, जिससे शरीर के सभी जोड़, नसें व मांसपेशियां खुल जाएं।

1. बैठ कर दोनों पैर फैला लें। दोनों हाथ पीछे जमीन पर रखें। अब पैर के पंजों को आगे पीछे, दाये बाएं करें। पैर के पंजों को दोनों दिशाओं में गोल गोल घूमाएं। यह क्रिया 15-20 बार करें।

2. पैरों को मोड़ कर आराम से बैठ जाएं (पल्थी मार कर )। अब दोनों हाथों को जमीन के समतल सीधे रखें। दोनों कलाइयों को मु_ी बंद करके दोनों दिशाओं में घूमाएं। यह क्रिया 15-20 बार करें। इसी अवस्था मे अब दोनों पंजों को खोल कर ऊपर नीचे करें।

3. पल्थी मार अवस्था में बैठें। अब दोनों हाथों को घुमाकर कंधों पर रखे तथा सीधी व उल्टी दिशाओं में घूमाएं। यह क्रिया भी 15-20 बार करें।

4. गर्दन को दाएं व बाएं झुकाएं। इतना ही कान कंधों को छूएं। फिर आगे झुकाएं इतना कि ठुड्डी छाती को छूए। अब गर्दन को पीछे ले जाएं इतना कि निगाह आसमान की तरफ रहे। इस क्रिया को 10-15 बार करें।

5. बैठ कर दोनों पैरों को जमीन पर फैलाएं। अब दाएं हाथ से बाएं पैर के पंजे को व बाएं हाथ से दाएं पंजे को छूएं। यह क्रिया 10-15 बार करें।

6. बटरफ्लाई: बैठ कर दोनों पैर को घुटनों से मोड़ कर दोनों पंजों को मिलाएं। अब दोनों हाथों से पैर के दोनों अंगूठों को पकड़कर दोनों पैरों को एक साथ हिलाएं।

रोजाना अपनी दिनचर्या में शामिल करें ये योगासन व प्राणायाम

योगासन

1. सुखासन

2. अर्ध मत्स्येन्द्रासन

3. धनुरासन

4. सुप्त मत्स्येन्द्रासन

5. तड़ासन

6. सिंहासन

7. उत्कटासन

8. वीरभद्रासन

9. मंडूकासन

10. भुजंगासन

प्राणायाम

1. अनुलोम विलोम

2. कपाल भाति

3. भस्त्रिका

4. उज्जायी

5. भ्रामरी

6. शीतली

योगाभ्यास व प्राणायाम मेरे रूटीन में शामिल हैैं। मैैं सिर्फ 21 जून को योगाभ्यास या प्राणायाम नहीं करती हूं। प्रतिदिन योगाभ्यास करने मैैं पूरी तरह से खुद को स्वस्थ महसूस करती हूं। हर एक महिला को स्वस्थ रहने के लिए योगाभ्यास करना चाहिए।

पल्लवी जायसवाल, वर्किंग लेडी

आज के बदलते दौर में योगाभ्यास और प्राणायाम बेहद जरुरी है। चाहे किसी भी उम्र की महिला हो, सभी को थोड़ा वक्त निकालकर सुबह के वक्त योगाभ्यास करना चाहिए। इससे आप स्वस्थ रहेंगे। मेरे डेली रूटीन में योगाभ्यास व प्राणायाम शामिल है। डेली सुबह एक घंटे योगाभ्यास करती हूं।

तान्या, एंटरप्रेन्योर

प्रतिदिन योगाभ्यास व प्राणायाम से मनुष्य अपने स्वास्थ्य को सामान्य कर निरोगी हो सकता है। अगर चिकित्सा की आवश्यकता पड़े तो प्राकृतिक व आयुर्वेद चिकित्सा का सहारा लेना चाहिए।

- डॉ। अशोक कुमार चन्द्रा, योगाचार्य

सिर्फ एक दिन के लिए योगाभ्यास व प्राणायाम नहीं होना चाहिए। अपने दिनचर्या में योगा को शामिल करें। भले ही 20 मिनट करें, लेकिन प्रतिदिन योगाभ्यास व प्राणायाम करें।

अभिषेक मिश्रा, योग प्रशिक्षक