गोरखपुर (ब्यूरो)।नमाज के बाद लोगों ने घरों में कुर्बानी की। घर में आने वालों का सिवईं, शारिनी से मुंह मीठा किया गया। सुबह से ही ईद उल अजहा की मुबारकबाद देने का सिलसिला जारी रहा।

सबसे पहले सुप्पन खान मस्जिद खूनीपुर और सुन्नी जामा मस्जिद सौदागार मोहल्ले में ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की गई। लोगों ने एक दूसरे से गले मिलकर मुबारकबाद दी। सोशल मीडिया पर भी मुबाकरबाद का सिलसिला चला। मुस्लिम घरों व चिंहित जगहों पर परंपरा के अनुसार कुर्बानी अदा की गई। बच्चों से लेकर बड़ों के चेहरों पर उत्साह व खुशियों की चमक दिखी। मौसम का भी लोगों को साथ मिला। हल्की बारिश में उनकी खुशी को दोगुना कर दिया। गुरुवार को ईद-उल-अजहा की नमाज अदा करने करने के लिए मुस्लिम समाज के लोग सुबह से तैयार होने लगे। सभी ने गुस्ल किया। बच्चों को उनके माता-पिता ने तैयार किया। सभी ने मस्जिदों में नमाज अदा की। खुतबा सुना और दुआ मांगी।

ईदगाह व मस्जिदों में उमड़ी रही भीड़

ईदगाह हजरत मुबारक खां शहीद नार्मल, फतेहपुर, बहरामपुर, बेनीगंज, इमामबाड़ा इस्टेट मियां बाजार, जामा मस्जिद रसूलपुर, उर्दू बाजार, मदीना जामा मस्जिद रेती सहित तमाम ईदगाह व मस्जिदों में भीड़ उमड़ी रही।

एक दूसरे से साझा की खुशियां

ईद-उल-अजहा की नमाज के बाद दुआ मांगी गई। हर ओर ईद-उल-अजहा मुबारक की सदा गूंजने लगी। छोटे से लेकर बड़ों ने एक दूसरे को गले लगाया, हाथ मिलाया और मुबारकबाद पेश की। इसी के साथ ईदी भी बंटनी शुरू हुई। किसी को ईदी में पैसा मिला तो किसी को तोहफा। ईदी पाने के बाद बच्चे बेहद खुश नजर आए। अपना मनपसंद सामान खरीदा।

घरों के साथ कई जगहों पर हुई कुर्बानी

शहर के मुस्लिम बाहुल्य इलाकों खूनीपुर, रहमतनगर, जाफरा बाजार, रेती, उर्दू बाजार, नखास, अस्करगंज, रसूलपुर, जाहिदाबाद, वजीराबाद, पुराना गोरखपुर, गोरखनाथ, बुलाकीपुर, बड़े काजीपुर, पिपरापुर, इलाहीबाग, तिवारीपुर, दीवान बाजार, तुर्कमानपुर, बक्शीपुर, सहित विभिन्न जगहों पर मेले जैसा माहौल नजर आया। यहां कुर्बानी का खास इंतजाम किया गया था। घरों के अलावा शहर में चिन्हित तीन दर्जन से अधिक स्थानों पर सामूहिक कुर्बानी हुई। इसके बाद कुर्बानी के गोश्त का तीन हिस्सा किया गया। एक हिस्सा खुद के लिए, एक दोस्त अहबाब व पड़ोसियों के लिए और एक जरूरतमंदों में बांटा गया।

लजीज व्यंजन का उठया लुत्फ

महिलाओं ने बकरीद की मेहमान नवाजी को यादगार बनाने के लिए सभी तरह की तैयारियां पहले से की हुई थीं। मीठी सेवईयों के साथ दही बाड़ा, छोला, कवाब, भुनी कलेजी, बिरयानी, कोरमा, भुना गोश्त आदि व्यंजन बनाकर तैयार किया। सभी ने मिलकर लजीज व्यंजनों का लुप्त उठाया।