गोरखपुर (ब्यूरो)। मनीष ने भी वैक्सीनेशन करा लिया। उन्हें असल दुविधा तब हुई जब एस्ट्राजेनेका ने कोरोना वैक्सीन के खतरनाक साइड इफेक्ट की घोषणा की। जिसमें संदेह प्रकट किया गया कि वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स के मामले आ चुके हैं। ये जानने के बाद मनीष की धड़कन बढ़ गई। उनके जैसे कई और लोग जिन्होंने कोविशील्ड वैक्सीन लगवाई है, परेशान होकर अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं।

अवेयरनेस है जरूरी

डॉ। एन के कुशवाहा ने बताया कि किसी भी बीमारी को कोविशील्ड का साइड इफेक्ट न समझें। कोविशील्ड से होने वाले साइड इफेक्ट्स के बहुत रेयर केस हैं। इसके लिए अवेयरनेस बहुत जरूरी है। एक्सपर्ट से सलाह लें, पैनिक न हों।

वैक्सीनेशन टाइम पर भी रखें नजर

एक्सपर्ट के अनुसार वैक्सीन और दवाओं से होने वाले साइड इफेक्ट्स आमतौर पर कुछ घंटों से कुछ दिनों में ही दिखने लगते हैं। ज्यादातर लोगों को वैक्सीन लिए दो साल से अधिक का समय हो चुका है। ऐसे में अब वैक्सीन से होने वाले साइड इफेक्ट्स को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है।

क्या हैं, कोविशील्ड के साइड इफेक्ट

डॉक्टर ने बताया कि ब्लड में एक सेल होता है, जो क्लोटिंग को रोकता है। अगर ये सेल बढ़ जाए तो क्लोटिंग बढ़ सकती है। जिससे प्लेटलेट्स भी डाउन हो सकती हैं। दिल की धड़कन में बदलाव, सांस लेने में दिक्कत की समस्या भी देखने को मिल सकती हैं जो बहुत रेयर है ।

कोविड के दौरान मुझे कोविशील्ड लगी थी। जबसे सुनने में आया है कि इसके साइड इफेक्ट्स हैं, तब से डर लग रहा है कि कहीं कोई प्रॉब्लम न हो जाए।

अरुण

कोविशील्ड के साइड इफेक्ट्स जानने के बाद अब हमें कोई समस्या होती है तो डर सा लगता है। कहीं वैक्सीन साइड इफेक्ट्स न कर दे।

माधवी त्रिपाठी

हर दवा के साइड इफेक्ट्स का एक टाइम होता है और अभी तक कोविशील्ड के साइड इफेक्ट्स का कोई केस नहीं आया है। इसलिए टेंशन लेने की कोई जरूरत नहीं है।

डॉ शाकिब खान