गोरखपुर (ब्यूरो)। अभी तक सभी के लिए ट्रेनिंग की टाइमिंग सेम थी, लेकिन फिटनेस सेंटर में ट्रेनिंग के लिए आने वाली महिलाओं की सुविधा के लिए ट्रेनिंग शेड्यूल बदला जाएगा, ताकि वे कम्फर्टेबली वर्कआउट कर सकें।

हाईटेक मशीनों से दी जा रही ट्रेनिंग

गोरखपुर यूनिवर्सिटी के क्रीड़ा भवन के फिटनेस सेंटर में हाईटेक मशीनें लगाई गई हैं, जिन्हें बाहर से मंगवाया गया है। इनमें लगभग सभी जिम इक्विप्मेंट्स अवलेबल हैं। ट्रेनिंग का टाइम दो शिफ्ट मे रखा जाएगा, जो फिलहाल संख्या कम होने की वजह से एक ही शिफ्ट में चल रही है।

हर वर्कआउट के लिए मशीन

लेग एक्सटेंशन

डेक डॉक फ्लाई

ओलम्पिक बेंचेस

स्मिथ मशीन

लेग प्रेस

ट्रेडमील इलेक्ट्रॉनिक

पैडलिंग

क्रॉस ट्रेनर

साइकलिंग

मेडिसिन बॉल

स्विस बॉल

ड्यूल केबल क्रॉस

फिटनेस सेंटर का चार्ज

यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स-500

टीचर्स और यूनिवर्सिटी स्टाफ-1200

बाहरी व्यक्ति-1800

बेहतर प्रशिक्षण के लिए हुआ निर्माण

खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद स्टूडेंट्स को फिटनेस सेंटर में ट्रेनिंग का लाफ मिलेगा। फिटनेस सेंटर होने से उन्हें महंगे जिम सेंटर नहीं जाना पड़ेगा। साथ ही वे पढ़ाई के साथ अपनी प्रैक्टिस पर भी फोकस कर सकेंगे।

यूनिवर्सिटी में फिटनेस सेंटर होने की वजह से हमें अब वर्कआउट के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। लड़कियों का अलग शेड्यूल लाना सही निर्णय है।

श्वेता, स्टूडेंट

फिटनेस सेंटर के होने से हमें वर्कआउट करने में सुविधा मिलेगी, स्टूडेंट्स के लिए फीस भी कम रखी गई है, जो अच्छा फैसला है।

रजनी, स्टूडेंट

यूनिवर्सिटी में फिटनेस सेंटर होने से स्टूडेंट्स को काफी फायदा मिलेगा। जो लोग स्पोट्र्स में इंटरेस्ट रखते हैं उन्हें अपना प्रदर्शन बेहतर करने में भी मदद मिलेगी।

नंदिनी, स्टूडेंट

फिटनेस सेंटर में सारे जिम टूल्स अवलेबल हैं, जिससे खिलाडिय़ों को जिम के लिए कहीं और न जाना पड़े। साथ ही महिलाओं के कम्फर्ट के लिए हम ट्रेनिंग का टाइम भी बदलने वाले हैं।

चंद्रप्रकाश सिंंह, जिम ट्रेनर