गोरखपुर (ब्यूरो)। बता दें, होट्ल्स और रेस्टोरेंट में बेहतर खानपान और हाईजीन फूड को लेकर फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट की ओर से इंस्पेक्शन जारी है। इन्हीं इंस्पेक्शन के बीच 'हाईजीन रेटिंग एंड राइट प्लेस टू इटÓ स्कीम के तहत गोरखपुर के 68 रेस्टोरेंट व होटल में मिलने वाले खाने पीने के आइटम्स की एफएसएसएआई (फूड सेफ्टी एंड स्टैैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया) द्वारा नामित थर्ड पार्टी एजेंसी से ऑडिट कराई गई, जिसमें गोरखपुर के 68 प्रतिष्ठानों को हाईजीन स्टार रेटिंग दी गई है। इन सभी की हाईजिन की स्थिति बेहतर पाई गई है। बेहतर हाईजीन परफॉर्मेंस को देखते हुए फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट इस बार वल्र्ड फूड सेफ्टी डे पर अवेयरनेस प्रोग्राम चलाने जा रहा है। साथ ही डब्ल्यूएचओ द्वारा जारी किए गए सेफर फूड, बेटर हेल्थ थीम पर होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को अवेयरनेस के साथ-साथ उन्हें ट्रेंड भी करेगा।

68 रेस्टोरेंट में पाई गई हाईजिन रेटिंग

बता दें, गोरखपुर में टूरिज्म को जहां बढ़ावा मिल रहा है। अपार्टमेंट कल्चर बढ़ रहा है। वहीं लजीज व्यंजन खाने-पीने के शौकीन लोगों की सेहत का भी ख्याल रखा जा रहा है। नौका विहार, एम्स और चिडिय़ाघर के आसपास मिलने वाले खाने पीने के आइटम्स को क्लीन स्ट्रीट फूड हब को डिक्लेयर कर दिया गया है। इसे लेकर एफएसएसएआई की तरफ से ऑडिट भी कराई गई है। इसमें सिटी के प्रतिष्ठान चौधरी स्वीट हाउस को हाइजिन रेटिंग का एक्सीलेंट अवॉर्ड दिया गया है। वहीं, 68 और रेस्टोरेंट की हाईजिन रेटिंग बेहतर पाई गई है।

5 लाख से अधिक का जुर्माना

फूड एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट के सहायक आयुक्त खाद्य (द्वितीय) कुमार गुंजन ने बताया, क्लीन स्ट्रीट फूड हब के रूप में नौका विहार, चिडिय़ाघर, एम्स को डेवलप किया गया है। यहां पर मिलने वाले खाने-पीने के आइटम साफ सुथरे होते हैैं। इनकी प्रॉपर निगरानी फूड एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट की टीम करती है। इन एरिया को ईट राइट कैंपस घोषित किया जा चुका है। इसके साथ ही जिले भर में खाद पदार्थों की सैैंपलिंग भी की जाती है। जहां पर कमियां पाई जाती हैं। उस प्रतिष्ठान के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। इसी कार्रवाई के क्रम में मार्च में 222 जगहों पर निरीक्षण किए गए। इनमें 51 की रिपोर्ट आ गई है। इन सभी के खिलाफ कार्रवाई जारी है। जुर्माना राशि वसूली जाएगी। उन्होंने बताया कि मई में कुल 42 व्यापारियों पर 5 लाख 49 हजार का जुर्माना लगाया गया है।

फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट की तरफ से की गई कार्रवाई

- निरीक्षण - 222

- छापेमारी - 60

- संग्रहित नमूने - 77

- प्राप्त जांच रिपोर्ट - 51

- अधोमानक - 9

- अनसेफ - 2

- मिस ब्रांड - 15

- मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए- 26

- प्राप्त जांच रिपोर्ट - 50.98 परसेंट

(नोट: यह आंकड़े मार्च 2022 के है.)