GORAKHPUR : मॉडर्न लाइफ स्टाइल की वजह से होने वाली बीमारियों का इलाज घरेलू नुस्खे अपनाकर किया जा सकता है। इंडिया में क्000 से ज्यादा ऐसे प्लांट्स हैं, जिनमें मेडिसिनल प्रॉपर्टीज मौजूद है। गुरूच, कस्तूरी मास्क, एलोय, सोमलता, कालमेघ, वरुण, कुताजा इनमें से कुछ अहम पौधे हैं। इंडियन कल्चर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां पर लोग मेडिसिनल प्लांट्स में विश्वास करते हैं। यह बातें गोरखपुर यूनिवर्सिटी में 'मेडिसिनल प्लांट्स बायोडाइवर्सिटी ऑफ इंडिया एंड हर्बल मेडिसिन' टॉपिक पर ऑर्गेनाइज लेक्चर में बीएचयू के प्रो। एनके दुबे ने शेयर कीं। वह यूनिवर्सिटी की बॉटनी रिसर्च बिल्डिंग में प्रो। एके श्रीवास्तव मेमोरियल लेक्चर में बतौर चीफ गेस्ट मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने मेडिसिनल प्लांट्स से जुड़ी काफी बातें शेयर कीं। प्रोग्राम की अध्यक्षता वीसी प्रो। अशोक कुमार ने की। इस दौरान वीसी ने प्रो। श्रीवास्तव की वाइफ उषा श्रीवास्तव को मोमेंटो, बुके और शॉल देकर सम्मानित किया। बॉटनी डिपार्टमेंट के एचओडी पीपी उपाध्याय ने सभी गेस्ट का वेलकम किया। प्रो। वीएन पांडेय ने अपनी बातें रखीं। इस मौके पर प्रो। श्रीवास्तव के पुत्र डॉ। नीरज श्रीवास्तव ने एके श्रीवास्तव रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना करने के लिए वीसी को धन्यवाद दिया। इस दौरान यूनिवर्सिटी के टीचर्स और रिसर्च स्कॉलर्स मौजूद रहे।