गोरखपुर (ब्यूरो)। एक्सपट़्र्स की मानें तो पैडलेगंज की इंजीनियरिंग ही खराब है। इसलिए अक्सर जाम रहता है। जबकि मोहद्दीपुर चौराहे से पैडलेगंज की ओर आने वाली सड़क की

लेफ्ट लेन ही अक्सर जाम रहती है। इसलिए भी यहां वाहनों की कतार लगी रहती है। सड़क किनारे लगने वाले ठेलों से यहां प्रॉब्लम और बढ़ गई है।

मोहद्दीपुर में लग रहा लंबा जाम, बाईलेन से राहत नहीं

शहर में सबसे ज्यादा ट्रैफिक लोड मोहद्दीपुर चौराहे पर है। इस चौराहे से देवरिया, कुशीनगर और बिहार का सीधा जुड़ाव है। सुबह करीब 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और शाम 4

बजे से लेकर सात बजे तक यहां ट्रैफिक प्रेशर रहता है। चौराहे पर देवरिया, कुशीनगर और बिहार से पैडलेगंज की तरफ जाने वालों बाईलेन बनाया गया है। लेकिन इससे भी राहत नहीं

मिल रही। बाईलेन की जानकारी के अभाव में लोग पीछे लाइन में लगकर चौराहा खुलने का इंतजार करते हुए नजर आ रहे हैं। यहां की व्यवस्था सुधारने के लिए डिवाइडर के कट्स

बंद करा दिए गए हैं। साथ ही बाईलेन भी है। बाजवूद इसके राहत नहीं मिल पा रही है।

क्या हुआ है बदलाव

- मोहद्दीपुर में सड़क और चौराहा पहले से ज्यादा चौड़ा हो गया है।

- मोहद्दीपुर और कूड़ाघाट की तरफ होटल और मॉल के सामने डिवाइडर बंद किए गए हैं।

- चौराहे पर कूड़ाघाट की तरफ से आने पर बाईलेन भी बनाया गया है।

- अतिरिक्त फोर्स लगाकर ट्रैफिक कंट्रोल किया जा रहा है। सिग्नल की टाइमिंग सेट करने की कोशिश चल रही है।

अब क्या आ रही प्रॉब्लम

- देवरिया और कुशीनगर से आने वाले लोगों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ रहा है।

- डिवाइडर पैक होने से रोजाना आरकेबीके तक व्हीकल की लाइन लगने लगी है।

- एक बार चौराहा खुलने पर पीछे से आने वाले व्हीकल तय समय में नहीं पहुंच पा रहे।

- मेडिकल कॉलेज, खंजाची चौक और पैडलेगंज जाने वाले लोगों को काफी प्रॉब्लम आ रही है।

- यूनिवर्सिटी चौराहा, रेलवे स्टेशन और गोलघर की तरफ जाने वाले व्हीकल भी फंसे रह रहे हैं।

पैडलेगंज में परेशानी, मुडऩे में होते घनचक्कर

पैडलेगंज तिराहे से होकर लखनऊ हाइवे गुजरता है। छात्रसंघ होते हुए रेलवे स्टेशन तो दूसरी तरफ मोहद्दीपुर और सर्किट हाउस रोड भी इसी तिराहे से जुड़ते हैं। इस तिराहे पर डिवाइडर

लगाकर आवाजाही के लिए रास्ते का निर्धारण किया गया है। पुलिस भी तैनात हो रही है। इस तिराहे की खराब इंजीनियरिंग की वजह से लोगों को प्रॉब्लम होती है। लखनऊ और

वाराणसी की तरफ से आने वाली बसें पैडलेगंज तिराहे से होकर शहर में एंट्री करती हैं।

इस तिराहे पर आती ये प्रॉब्लम

- खराब इंजीनियरिंग के कारण कहां से किसे मुडऩा है। इसका निर्धारण सही ढंग से नहीं हो पाता है।

- तीन तरफ से प्रमुख रास्ता होने से लोग जहां-तहां मुड़ते हैं। इससे एक्सीडेंट का खतरा बना रहता है।

- मूर्ति के गोलंबर के पास लगा हाई मास्ट लैंप का खंभा भी रुकावट खड़ी करता है।

- तिराहे पर ही सवारी चढ़ाने और उतारने से जाम लग जाता है।

इन उपायों से मिल सकती है राहत

- चौराहे की इंजीनियरिंग सुधारकर मुडऩे वाली जगह पर स्पेस बढ़ाई जाए।

- किसे, किस तरह से आकर, किधर मुडऩा है। इसके बारे में पेंट से मार्क बनाया जाए।

- तिराहे के आसपास किसी तरह के ठेले, टेंपो सहित अन्य व्हीकल के खड़ी होने पर पूरी तरह से रोक लगे।

- तिराहे पर किसी भी व्हीकल में सवारी चढ़ाने और उतराने पर पूरी पाबंदी हो।

- ऑटो रिक्शा और बसों को तिराहे से कम से कम 100 मीटर की दूरी पर रोका जाए।

- तिराहे पर एक फ्लाईओवर बन जाने से प्रॉब्लम सॉल्व हो जाएगी।

शहर के कई चौराहों पर अभी भी सुधार की गुजाइंश है। पूर्व में भी सड़क संकरी थी। चौराहे छोटे थे। तब भी यह समस्या बनी हुई थी। कुछ काम हुआ है। आंशिक बदलाव से चौराहों

पर कुछ हद तक समस्या खत्म हो जाएगी।

सतीश सिंह, सिविल इंजीनियर

मौजूदा संसाधनों के बीच जाम से निपटने के उपाय तलाशे जा रहे हैं। पब्लिक के सहयोग से इस समस्या का समाधान हो सकता है। जिन चौराहों पर ट्रैफिक का ज्यादा प्रेशर है।

उनको पार करने में थोड़ा समय लग सकता है।

डॉ। विपिन ताडा, एसएसपी गोरखपुर