आशाओं के आंदोलन की भेंट चढ़ा पल्स पोलियो अभियान

-आशा बहू ने सीएचसी व पीएचसी के वैक्सीन रूम में जड़ा ताला

-प्रभारियों ने आशाओं के खिलाफ दी तहरीर

GORAKHPUR: रविवार को पल्स पोलियो के अभियान का आशा बहू के आंदोलन की भेट चढ़ गया। आशाओं ने जिले के सभी सीएचसी और पीएचसी पर प्रदर्शन कर ताला जड़ दिया। जिसके कारण जिले के 70 फीसदी बूथ बने ही नहीं। आशाओं व प्रशासनिक अफसरों में कई स्वास्थ्य केंद्रों पर टकराव हुआ। इसके बावजूद नतीजा सिफर रहा। जिले में हजारों मासूम पोलियो की खुराक पीने से वंचित रह गए।

हेल्थ इम्पलाइज से नोकझोंक

राष्ट्रीय पोलियो उन्मूलन अभियान के अंतर्गत रविवार से पोलियो अभियान की शुरूआत हुई। इस अभियान में जिले के शून्य से पांच वर्ष तक के सात लाख 16 हजार 253 बच्चों को पोलियो खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया। इसके लिए 2226 बूथ बनाए गए। 501 पर्यवेक्षकों समेत छह हजार से अधिक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई, लेकिन आशा बहू के विरोध के सामने यह इंतजाम धरा का धरा ही रह गया। शनिवार की रात से ही सीएचसी और पीएचसी पर धरना दे रही आशाओं ने रविवार के तड़के ताला जड़ दिया। आशाओं के सामने किसी की भी एक न चली.आशाओं को समझाने के लिए चरगांवा पीएचसी पर सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ पहुंचे। पर उसका कोई असर नहीं हुआ। उग्र आशाओं ने वैक्सीन बाक्स लेने पहुंचे कुछ कर्मचारियों से अभद्रता भी की। इस बीच प्रभारी भी नदारद रहे। एसडीएम की फटकार के बाद वह पहुंचे। उन्होंने आशाओं के विरोध का सामना किया। इस दौरान आशा बहू मंजू सिंह, पुनिता, रीता मौर्या, सुमित्रा अचानक बेहोश हो गई। आनन-फानन में उन्हें इमरजेंसी एडमिट करवाया गया।