GORAKHPUR : पैगम्बर मुहम्म्द साहब के लिए पूरी दुनिया बनी, आप नूर-ए-खुदा, खैरुल बशर हैं। आपकी बशरियत में कोई शरीक नहीं है। खुदा ने मुहम्मद साहब को अजीम मर्तबा अता फरमाया है। हदीसों में है कि सारे पैगम्बरों को एक दुआ मिली है। सभी ने अपनी दुआएं दुनिया में मांग ली है, मगर पैगम्बर मुहम्मद साहब ने वह दुआ बचा कर रखी है और कयामत में अपनी उम्मत को बख्शवायेंगे। यह बातें जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के दौरान चीफ गेस्ट के तौर पर मौजूद मोहद्दिस कबीर मौलाना जियाउल मुस्तफा अमजदी ने शेयर कीं। इस दौरान उन्होंने हदीस व कुरआन की रोशनी में मुसलमानों का ईमान ताजा किया। कारी मौलाना अयाज अहमद ने कहा कि मिलाद-ए-पाक का महीना शुरू हो चुका है। इस खुशी से बढ़कर कायनात की कोई खुशी नहीं है। प्रोग्राम की शुरूआत तिलावते कलाम पाक से हुई। इसके बाद मदरसा हुसैनिया के इमामुद्दीन ने नाते पाक पेश की। इस दौरान बड़ी तादाद में लोगों ने अपना नातिया कलाम पेश किया। प्रोग्राम का संचालन मौलाना मकसूद आलम ने किया। इस मौके पर अब्दुल्लाह बरकाती, मुफ्ती अख्तर हुसैन, मौलाना रियाजुद्दीन, मोहम्मद शादाब, मोहम्मद आजम, मौलाना फुरखान अहमद अजीजी, सैयद फरहान अहमद, मो। अब्दुल कुद्दुस, हाजी उबैदुल्लाह के साथ बड़ी तादाद में लोग मौजूद रहे।