- कैबिनेट मिनिस्टर राज किशोर ने डाला डेरा

- अनुशासनहीनता की गिरी गाज, कई पर लटकी तलवार

GORAKHPUR: जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव को लेकर सपा ने अंतिम रणनीति तय कर ली है। पार्टी की घोषित प्रत्याशी गीतांजलि को जिताने के लिए कैबिनेट मिनिस्टर राज किशोर सिंह ने शहर में डेरा जमा लिया है। चुनाव खत्म होने तक वह जिले में मौजूद रहेंगे। रविवार को सर्किट हाउस में पार्टी के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं से मिलकर मिनिस्टर ने दमखम लगाने को कहा। उन्होंने कहा कि विरोधी 20 के अंदर ही बोल्ड हो जाएंगे। जिला पंचायत सदस्यों से मिलकर उनको बेफ्रिक किया। उधर अनुशासनहीनता के आरोप में प्रदेश नेतृत्व ने तीन लोगों को पार्टी से निष्कासित कर दिया। कैबिनेट मिनिस्टर ने कहा कि अभी कुछ और लोगों की सूची बनी है। इस पर जल्द ही फैसला लिया जाएगा।

सपा की होगी जीत

जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के प्रभारी, कैबिनेट मिनिस्टर राज किशोर सिंह ने कहा कि भाजपा विधायक के भाई अजय बहादुर 20 वोट भी नहीं पा सकेंगे। उनके समर्थन में खड़े लोगों को भी तगड़ा झटका लगेगा। कैबिनेट मंत्री ने दावा किया सपा प्रत्याशी की जीत होगी। विधायक राजमति निषाद के बेटे अमरेंद्र की हरकतों से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उनकी अपेक्षा एक आम आदमी है। वह अपनी गलती पर गिड़गिड़ा रहे हैं। विधायक इसे बेटे की नादानी बता रही हैं। उनकी अनुशासनहीनता पर पार्टी का प्रदेश नेतृत्व फैसला करेगा।

अनुशासनहीनता में तीन निष्कासित

अनुशासनहीनता को लेकर पार्टी के नेताओं पर गाज गिर रही है। रविवार को सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने, अनुशासनहीन आचरण के कारण सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राममिलन यादव, पूर्व उपाध्यक्ष कुंवर प्रताप सिंह, जिला कार्यकारिणी के सदस्य मुख्तार अहमद खां को पार्टी से निष्कासित कर दिया। पार्टी से जुड़े लोगों का कहना है कि अनुशासहीनता में कुछ अन्य का नाम सामने आया है। उनके संबंध में सूचनाएं प्रदेश नेतृत्व को भेज दी गई हैं।

विरोधी प्रत्याशी 20 जिला पंचायत सदस्यों के वोट नहीं पा सकेंगे। ज्यादातर सदस्यों ने गीतांजलि का समर्थन कर दिया है। पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ बेटे के जाने को विधायक नादानी बता रही हैं। पार्टी में अनुशासनहीनता करने वालों के खिलाफ प्रदेश नेतृत्व कार्रवाई तय करेगा।

राज किशोर सिंह, कैबिनेट मिनिस्टर, यूपी गवर्नमेंट