कानपुर (ब्यूरो)। थाना क्षेत्र की एक गांव में गुरुवार रात एक बार फिर मानवता शर्मसार हो गई। जब एक अकेली रहने वाली 80 साल की सीनियर सिटीजन महिला के घर घुसे 22 साल के पड़ोसी युवक ने उसके साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया। महिला की चीख सुनकर पहुंचे पड़ोसियों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर दिया और महिला को उपचार के लिए भिजवाया।


गुरुवार रात की है वारदात
बिल्हौर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी 22 साल के अमित गौतम ने गुरुवार रात अपने दोस्तों के साथ शराब पी और इसके बाद घर जाते समय वह अपने घर न जाकर घर के सामने अकेली रहने वाली 80 साल की महिला के घर में घुस गया। उसने महिला को दबोच कर उसके साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया। महिला के चीखने पर वह मौके से भाग निकला। इसके बाद महिला बदहवास हालत में घर के बाहर पहुंची और चीख चीखकर रोने लगी। चीख सुनकर मौके पर पहुंची ग्रामीणों की घर के बाहर अस्त व्यस्त हालत में पड़ी बुजुर्ग महिला की हालत देखकर होश उड़ गए।


हालत बिगड़ती देख पुलिस को दी सूचना
पीडि़ता की हालत लगातार बिगड़ती ही जा रही थी। गांव की महिलाओं ने किसी तरह बुजुर्ग महिला को संभाला और ग्रामीणों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। महिला ने ग्रामीणों को रोते हुए बताया की अमित ने उसके साथ गलत काम किया है और वह भाग गया । मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना की जांच पड़ताल करने की साथ ही कुछ देर की तलाश के बाद आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने हालत बिगड़ती देख महिला को उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया और उसकी तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्यवाही शुरू की।


बेटियों की शादी के बाद घर में अकेली रहती थी सीनियर सिटीजन महिला
हैवानियत का शिकार हुई बुजुर्ग महिला की चार बेटियां है। चारो की शादी हो चुकी है और वह अपनी अपनी ससुराल में रहती हैं। महिला सालों से घर में अकेली ही रहती है इसी का फायदा उठाकर आरोपी युवक ने घटना को अंजाम दे दिया। पीडि़ता सीनियर सिटीजन महिला और आरोपी दीपक दोनो दलित परिवार से हैं। पीडि़ता आरोपी की रिश्ते में दादी लगती है। दोनो के घर आमने-सामने हैं। इसके बावजूद हैवान बने आरोपी युवक ने दादी की चीख पुकार कुछ भी नहीं सुनी। पीडि़ता गिड़गिड़ाती रही लेकिन वहशी दीपक ने उनकी एक न सुनी।
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महिला का मेडिकल कराया गया है.आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
बृजेंद्र द्विवेदी, एडीसीपी