कानपुर(ब्यूरो)। शहर पर लगा पॉल्यूटेड सिटी का कलंक मिटाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। टेक्नोलॉजी और अन्य प्रयासों के माध्यम से पॉल्यूशन को कंट्रोल किया जा रहा है। इसके लिए करोड़ों का बजट भी उपलब्ध कराया जा रहा है। एक बार फिर नगर निगम को एयर पॉल्यूशन को कंट्रोल करने के लिए सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड से 19 करोड़ रुपए व पॉल्यूशन मद में उत्तर प्रदेश शासन की तरफ से 62 करोड़ रुपए का फंड मिला है। जिसे खर्च करने को लेकर नगर निगम ब्लू प्रिंट तैयार कर रहा है।

संचालन का खर्च भी
नगर निगम इस बजट से एयर पॉल्यूशन पर अंकुश लगाने के लिए चार एंटी स्मॉग गन ट्रक और चार मैकेनिकल स्वीपिंग ट्रक और खरीदे जाएंगे। इस बार मिले बजट में वाहनों के संचालन का खर्च भी जोड़ा गया है। बाकी बचे बजट से पॉल्यूशन रोकने को लेकर अन्य प्रपोजल तैयार किए जा रहे हैं। वहीं, बीते साल भी पांच करोड़ रुपए से छह मैकेनिकल स्वीपिंग ट्रक और दो एंटी स्मॉग गन खरीदी गई थीं। नगर निगम के पर्यावरण अभियंता आरके पाल का कहना है कि सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड से इस बार 19 करोड़ रुपए मिले हैं।

उड़ती धूल से छुटकारा
अधिकारियों के मुताबिक, पॉल्यूशन मद में शासन से मिले 62 करोड़ रुपए से शहर में जहां-जहां भी इंटरलॉकिंग टाइल्स नहीं लगी हैं, वहां लगाई जाएगी। बीते साल भी शहर के अधिकांश हिस्से में इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाई गई हैं। वहीं अब बचे एरिया में इसे लेकर काम होना है। ताकि उड़ती धूल से छुटकाया पाया जा सके। वहीं, पिछले साल नगर निगम को पॉल्यूशन दूर करने के लिए 148 करोड़ रुपए मिले थे। एयर पॉल्यूशन को दूर करने के लिए नगर निगम की 87.41 करोड़ की परियोजना पर आईआईटी कानपुर ने मुहर लगाई थी।

चौराहों पर फाउंटेन
अधिकारियों ने बताया कि एयर पॉल्यूशन बढऩे का सबसे बड़ा कारण सडक़ों पर उडऩे वाली डस्ट है। इसलिए डस्ट पॉल्यूशन पर अंकुश लगाने के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे में शहर में जगह-जगह ग्रीन बेल्ट डेवलप की जाएंगी और चौराहों पर छूटे हुए किनारों पर भी ग्रीनरी लगाई जाएगी। इसके अलावा वाटर फाउंटेन के चलाने को लेकर भी कार्य योजना तैयार की जा रही है। कार्य के पूरा होने पर पॉल्यूशन पर काफी फर्क पड़ेगा।
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बजट: फैक्ट फाइल
19 करोड़ सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड से
62 करोड़ पॉल्यूशन मद से शासन की तरफ से
4 एंटी स्मॉग ट्रक खरीदे जाएंगे
4 मैकेनिकल स्वीपिंग ट्रक खरीदे जाएंगे
62 करोड़ से अन्य प्रस्ताव तैयार किए जा रहे
148 करोड़ नगर निगम को पिछली बार मिले
87.41 करोड़ के वक्र्स आईआईटी की मदद से