- एक्टिव केस बढ़े तो पेशेंट एडमिट कराने की बड़ी मारामारी, एसिम्टोमेटिक पेशेंट्स के लिए बेड अभी उपलब्ध

- लेवल-3 के ट्रीटमेंट पर बढ़ा दबाव, बेड के लिए मारामारी की नौबत,सिटी में केवल एक ही लेवल-3 फैसेलिटी

KANPUR : सिटी में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने के साथ उनके ट्रीटमेंट के लिए मौजूद सुविधाओं पर भी दबाव बढ़ने लगा है। सबसे ज्यादा परेशानी क्रिटिकल और हाई रिस्क गु्रप वाले पेशेंट्स को आइसोलेट करने में आ रही है। क्योंकि सिटी में लेवल-3 स्तर का क्रिटिकल केयर ट्रीटमेंट सिर्फ मेडिकल कॉलेज में ही मिल रहा है। जहां 200 बेड की कैपेसिटी है और महज 20 वेंटीलेटर हैं। क्रिटिकल कोविड पेशेंट की संख्या बढ़ने की वजह से यहां पर पेशेंट लोड भी बढ़ गया है। इस वजह से पेशेंट मैनेज करने में भी परेशानी हो रही है। इसके अलावा जिस रफ्तार से कोरोना पॉजिटिव पेशेंट बढ़ रहे हैं। उसके हिसाब से उपलब्ध क्षमता भी कम पड़ सकती है।

एल-1 फैसेलिटी में बेड खाली

एसिम्टोमैटिक और माइल्ड लक्षणों वाले कोरोना पेशेंट्स को एल-1 कैटेगरी वाले हॉस्पिटल्स में रखा जाता है। कानपुर में अभी एल-1 कैटेगरी में 810 बेड कैपेसिटी है। इसके अलावा प्राइवेट सेक्टर में भी पेड ट्रीटमेंट के लिए 200 बेड की कैपेसिटी है। जबकि अभी एल-1 कैटेगरी के पेशेंट्स की संख्या 500 भी नहीं हुई है। ऐसे में एल-1 फैसेलिटीज में बेड ऑक्यूपेंसी अभी कम है।

कहां कितनी बेड आॅक्यूपेंसी-

लेवल-3 हॉस्पिटल- 84 परसेंट

लेवल-2 हॉस्पिटल- 29 परसेंट

लेवल-1 हॉस्पिटल- 60 परसेंट

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लेवल-थ्री कोविड हॉस्पिटल

200 बेड न्यूरो साइंस सेंटर व मेटरनिटी विंग

20 वेंटीलेटर एवं बाईपैप मशीन

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लेवल-टू कोविड हॉस्पिटल

95 बेड कांशीराम चिकित्सालय

5 वेंटीलेटर

375 बेड रामा मेडिकल कॉलेज

10 वेंटीलेटर

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लेवल-वन कोविड हॉस्पिटल

60 बेड ईएस आइ हॉस्पिटल, जाजमऊ

50 बेड पांडु नगर बीमा अस्पताल

50 बेड सर्वोदय नगर बीमा अस्पताल

400 बेड रामा मेडिकल कॉलेज

250 बेड नारायणा मेडिकल कॉलेज

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प्राइवेट सेक्टर (भुगतान पर)

200 बेड नारायणा मेडिकल कॉलेज, पनकी (एल-वन)

60 बेड नारायणा मेडिकल कॉलेज, पनकी (एल-टू)

100 बेड एसपीएम हॉस्पिटल, कल्याणपुर

5 वेंटीलेटर

50 बेड जीटीबी हॉस्पिटल, लाजपत नगर

कोविड पेशेंट्स-

टोटल पॉजिटिव- 1932

एक्टिव केस- 685

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कुल कोविड बेड- 1910

वेंटीलेटर- 40

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कोविड पेशेंट को आइसोलेट करने में लगी एंबुलेंस- 11

क्रिटिकल पेशेंट को आइसोलेट करने के लिए एएलएस एंबुलेंस-2

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न्यूरो साइंस के साथ मेटर्निटी विंग में भी पेश्ेांट एडमिट हो रहे हैं.बेड कैपेसिटी बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। जरूरत पड़ी तो वेंटीलेटर्स भी बढ़ाएंगे।

- डॉ.रिचा गिरि, एसआईसी,एलएलआर एंड एसोसिएटेड हॉस्पिटल

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लेवल-1 और लेवल-2 के पर्याप्त बेड हैं। एक्टिव केस बढ़े हैं,लेकिन रिकवरी रेट भी बेहतर है। पेशेंट्स को आइसोलेट करने में टाइम लग रहा है। ऐसे में एंबुलेंस और बढ़ाएंगे।

- डॉ.अशोक शुक्ल, सीएमओ कानपुर।

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24 घंटे में आइसोलेट हो पा रहे

एक तरफ हर दिन आने वाली कोविड रिपोर्ट में कोविड पॉजिटिव पेश्ेांट बढ़ रहे हैं। वहीं उन्हें आइसोलेट करने में भी हेल्थ डिपार्टमेंट के पसीने छूट रहे हैं। कुछ पेशेंट्स को तो आइसोलेट करने में 24 घंटे तक का वक्त लग रहा है। आरके नगर में रहने वाले बुजुर्ग की रिपोर्ट मंडे को पॉजिटिव आई,लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम उसे टयूजडे शाम तक भी आइसोलेट नहीं करा सकी। इस दौरान बुजुर्ग घर के बाहर ही पड़ा रहा। साथ ही इलाके में भी इस वजह से दहशत का माहौल रहा। मालूम हो कि कोविड पेशेंट्स को आइसोलेट करने के लिए अभी 11 नार्मल एंबुलेंस और 2 एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस लगी हुई हैं।