- राज्यसभा सांसद सुखराम सिंह के प्रश्न पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिए देश में डॉक्टर्स व नर्सिग स्टाफ के आंकड़े

- डब्लूएचओ के मानकों के विपरीत देश में 1457 लोगों पर एक डॉक्टर, नर्सिग स्टाफ की संख्या भी बेहद कम

KANPUR: देश में डॉक्टर्स की कमी और झोलाछाप डॉक्टर्स की समस्या को लेकर राज्यसभा सांसद सुखराम सिंह यादव के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्रालय का जवाब आया है। जिसके मुताबिक देश में डॉक्टर्स की भारी कमी है। खासकर देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में। देश में 1457 लोगों पर एक डॉक्टर की उपलब्धता है। जबकि डब्लूएचओ के मुताबिक, प्रति हजार लोगों पर एक डॉक्टर होना चाहिए। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से दिए गए जवाब में झोलाछाप डॉक्टर्स पर राज्य सरकारों को कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।

यूपी में डॉक्टर्स की भ्ारी कमी

स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से संसद में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्रि्वनी चौबे ने जवाब देते हुए बताया कि देश में कुल 11.57 लाख डॉक्टर्स रजिस्टर्ड हैं। जबकि यूनानी, आयुर्वेद और होम्योपैथी के डॉक्टर्स की संख्या 7.88 लाख है। वहीं सक्रिय रूप से डॉक्टर्स की संख्या की बात करें तो यह महज 9.26 लाख ही है। जबकि दूसरी चिकित्सा पद्धतियों के डॉक्टर्स की संख्या भी 6.30 लाख ही रह पाती है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों पर गौर करें तो यूपी में मात्र 77,549 डॉक्टर्स हैं। जबकि यूपी से छोटे राज्य महाराष्ट्र में 1.73 लाख डॉक्टर्स हैं।