लखनऊ (ब्यूरो)। एलडीए में गुरुवार को आयोजित वरिष्ठ नागरिक एवं दिव्यांगजन समाधान दिवस में एक बेहद चौंकाने वाली शिकायत सामने आईं। खदरा के शिवनगर निवासी सुरेश चन्द ने प्रार्थना पत्र दिया कि स्थानीय अरविंद इंटर कॉलेज के पास 600 वर्गफुट के एक मकान में भवन स्वामी ने अवैध रूप से दो मोबाइल टावर लगवा रखे हैं, जिससे क्षेत्रवासियों को समस्या हो रही है। इस मामले को लेकर वीसी ने तत्काल जांच के निर्देश दिए हैैं।

मंडलायुक्त ने सुनीं समस्याएं

समाधान दिवस में प्राधिकरण की अध्यक्ष एवं मंडलायुक्त डॉ। रोशन जैकब व एलडीए वीसी डॉ। इंद्रमणि त्रिपाठी ने समस्याओं को सुना। सचिव विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों व दिव्यांगजनों को अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए विभिन्न पटलों में न जाना पड़े, इसके लिए प्रत्येक माह के चौथे गुरुवार को इस विशेष शिविर की व्यवस्था की गई है।

ये शिकायतें आईं सामने

1-शिविर में पहुंची शारदा नगर, रुचिखंड निवासी नीलम गुप्ता ने प्रार्थना पत्र दिया कि उन्होंने आलमबाग बस अड्डे के पास प्राधिकरण की सिन्डर्स डम्प योजना में व्यावसायिक दुकान जी-45 आवंटित करायी थी। वर्तमान में दबंग प्रवृत्ति के कुछ लोगों ने दुकान के ठीक सामने आम रास्ते पर अवैध रूप से कब्जा करके निर्माण करा लिया है, जिसके चलते अब वह दुकान तक नहीं खोल पा रही हैं। इस पर मंडलायुक्त ने नगर निगम के अधिकारियों को तत्काल स्थल निरीक्षण करके अवैध कब्जा हटाने के निर्देश दिए।

2- अलीगंज स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस राजकीय महिला विद्यालय के निकट अवैध कब्जे का एक मामला सामने आया। विद्यालय के प्रतिनिधियों ने अवगत कराया कि कुछ स्थानीय लोग गलत तरीके से जमीन पर मालिकाना हक बताते हुए विद्यालय की बाउंड्री नहीं बनने दे रहे हैं। मंडलायुक्त ने सम्पत्ति व प्रवर्तन के अधिकारियों को निर्देशित किया कि पुलिस व राजस्व विभाग की संयुक्त टीम के साथ एक सप्ताह के अंदर स्थल की पैमाइश कराके मामले का निस्तारण कराएं।

3-गोमती नगर के विजयंत खंड डी-4/244 निवासी वेद प्रकाश जुनेजा ने प्रार्थना पत्र दिया कि उनके मकान के सामने खाली प्लॉट पर कुछ लोगों ने झुग्गी बनाकर अवैध कब्जा कर रखा है, जहां अराजकतत्वों का जमावड़ा लगता है। इस पर वीसी ने अभियंत्रण जोन-1 के अधिशासी अभियंता को तीन दिन के अंदर स्थल का निरीक्षण करके अवैध कब्जा हटाने के निर्देश दिए।

10 शिकायतें आईं सामने

सचिव ने बताया कि शिविर में कुल 10 शिकायतों संबंधी प्रार्थना पत्र मिले, जिनमें से दो मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष मामलों में संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैैं। इसके साथ ही यह भी निर्देश दिए गए हैैं कि शिकायत दूर करने के बाद संबंधित शिकायतकर्ता से फीडबैक भी लिया जाए, जिससे यह पता लग सके कि जो शिकायत दूर हुई है, उससे शिकायतकर्ता संतुष्ट है या नहीं। वीसी की ओर से भी खुद औचक तरीके से शिकायतकर्ताओं को फोन करके शिकायतों के निस्तारण का स्टेटस लिया जाएगा।