लखनऊ (ब्यूरो)। कमरे से बदबू आने पर पड़ोसियों ने मकान मालिक और पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कमरे का ताला तोड़ा तो तीनों के शव एक बोरी में बांधे मिले। पुलिस ने आरोपी रामलखन (32) को गिरफ्तार कर लिया है। सरवन नगर में अमृत लाल गौतम के मकान में बलरामपुर निवासी रामलखन, पत्नी ज्योति, बेटी पायल (6 वर्ष) और बेटे आनंद (3 वर्ष) के साथ किराए पर रहता था। संडे दोपहर 2 बजे मकान से तेज बदबू आने पर पड़ोसी वहां पहुंचे और इसकी सूचना अमृत लाल को दी। मामला संदिग्ध लगने पर पुलिस को भी मामले की जानकारी दे दी गई।

फोरेंसिक टीम ने जुटाए सुबूत
सूचना पर साउथ डीसीपी तेज स्वरूप सिंह, एसीपी कृष्णानगर विनय कुमार द्विवेदी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और कमरे का ताला तोड़ा। वहां ज्योति के साथ दोनों बच्चों का शव एक बोरी में मिला। वहीं, फोरेंसिक टीम ने कमरे से सुबूत जुटाए।

अवैध संबंध का था शक
पूछताछ के दौरान पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि राम लखन सुबह ही दरवाजा बंदकर चला गया है। पुलिस ने उसके मोबाइल की लोकेशन निकलवाई तो वह सोहरामऊ में मिली। वह रोज की तरह वहां काम करने गया था। उसे वहीं से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में राम लखन ने पुलिस को बताया कि उसने पत्नी और बच्चों की हत्या 28 तारीख को की थी। पत्नी के चिनहट में किसी से अवैध संबंध थे। कई माह तक वह किसी आदमी के साथ रहकर आई थी। इसी कारण उसने पत्नी की दुपट्टे से गला दबाकर हत्या की फिर अपने हाथों से बच्चों का गला दबा दिया।

आए दिन होता था झगड़ा
राम लखन ने बताया कि पत्नी के अवैध संबंध को लेकर उसका उससे आए दिन झगड़ा होता था। 28 मार्च को भी दोनों में विवाद हुआ था। जिसके बाद उसने इस वारदात को अंजाम दिया। पत्नी और दोनों बच्चों की हत्या के बाद उनके शव एक बोरी में भरे और किचन के पास रख दिया। वहीं पास में वह सोता भी रहा। वह शवों को ठिकाने लगाने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया। उसने बताया कि शवों के पास सोने पर उसे लगता था कि परिवार उसके साथ सो रहा है।

हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में उसने बताया कि वह तीनों ही शव को ठिकाने लगाना चाहता था, लेकिन बस्ती होने की वजह से उसे मौका नहीं लगा। ये आपस में पति पत्नी है कि नहीं अभी ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है। मामले की जांच की जा रही है।
तेज स्वरूप सिंह, डीसीपी, साउथ