लखनऊ (ब्यूरो)। वार्डों के आरक्षण संबंधी अधिसूचना अभी स्पष्ट भले न हुई हो, लेकिन इतनी संभावना जरूर है कि शहर का विस्तारीकरण होने से एससी और ओबीसी की सीटों की संख्या पर असर देखने को मिलेगा। निगम प्रशासन की ओर से वार्ड आरक्षण की लिस्ट तैयार करके शासन को भेजी जा चुकी है। पूरी संभावना है कि सोमवार तक वार्ड आरक्षण की अधिसूचना जारी हो सकती है। यह भी संभावना है कि सामान्य की तीन सीटों को कम किया जा सकता है। हालांकि, सही तस्वीर आरक्षण की अधिसूचना जारी होने के बाद ही साफ हो सकेगी।

14 वार्ड हुए आरक्षित

निगम की ओर से जो रिपोर्ट शासन के पास भेजी गई है, उससे साफ है कि एससी के लिए 14 वार्ड आरक्षित हुए हैैं। पिछले निकाय चुनाव में यह संख्या 12 थी। इसी तरह एक वार्ड ओबीसी के लिए आरक्षित हैै, जिसके बाद अब ओबीसी के लिए कुल आरक्षित वार्डों की संख्या 21 पहुंच गई है। जबकि पिछले निकाय चुनाव में यह संख्या 20 थी। भले ही इस निकाय चुनाव में एससी के दो और ओबीसी का एक वार्ड आरक्षित किया गया हो, लेकिन इसका असर चुनावी परिणाम में देखने को मिल सकता है।

सीटों के आधार पर रणनीति

चूंकि अभी तक वार्ड आरक्षण की अधिसूचना जारी नहीं हुई है लेकिन संभावित पार्षद प्रत्याशियों को इसकी भनक लग चुकी है। इसे ध्यान में रखते हुए पार्षद प्रत्याशियों की ओर से इसके आधार पर तैयारियां तेज कर दी गई हैैं। जिन तीन वार्डों में एससी और ओबीसी की सीट आरक्षित हुई हैं, वहां पर पार्षद प्रत्याशियों की ओर से नए सिरे से चुनावी रणनीति बनाई जा रही है, ताकि चुनाव परिणाम को अपने पक्ष में किया जा सके।

सामान्य की तीन सीटों पर असर

एससी की दो और ओबीसी की एक सीट आरक्षित किए जाने से इसका सीधा असर सामान्य की सीटों पर पड़ेगा। निगम अधिकारियों की माने तो सामान्य की करीब तीन सीटें कम हो सकती हैं। जिन वार्डों में सामान्य की सीटें कम होंगी, वहां पर भी चुनावी परिणाम में असर देखने को मिल सकता है।

प्रचार में आ गई तेजी

भले ही अभी तक निकाय चुनाव की तारीख तय न हुई हो, लेकिन वार्डों में प्रत्याशियों की ओर से चुनावी प्रचार तेज कर दिया गया है। संभावित प्रत्याशी सुबह से लेकर रात तक वार्डों में घूम घूमकर अपने पक्ष में अधिक से अधिक वोटर्स को लाने की तैयारी कर रहे हैैं। संभावित प्रत्याशियों का यह भी मानना है कि अगर उन्हें अपनी पार्टी से टिकट नहीं मिलता है तो वे निर्दलीय ही चुनावी मैदान में उतरेंगे। कई पार्षद प्रत्याशियों की ओर से घर-घर जाकर पंपलेट्स भी वितरित किए जा रहे हैैं और लोगों को भरोसा दिलाया जा रहा है कि अगर उनकी जीत होती है तो वे किस तरह से वार्ड में विकास कराएंगे। कई पुराने प्रत्याशियों की ओर से यह भरोसा दिलाया जा रहा है कि वार्ड की सभी रोड्स चकाचक होंगी और पार्कों का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा।