मेरठ ब्यूरो। अपना शहर वैसे तो स्मार्ट सिटी है, लेकिन जब आप यहां की गलियों से गुजरेंगे तो आपका स्मार्ट सिटी का भ्रम जल्द ही दूर हो जाएगा। शहर का सर्राफा बाजार एशिया का सबसे बड़ा गोल्ड का मार्केट है। यहां से देश-विदेशों में सोने के आइट्म एक्सपोर्ट होते हैं। वहीं, देशभर से ज्वेलर्स व्यापार के लिए यहां आते हैं। हालत यह है कि सबसे पहले संकरी गलियों में लटकते बिजली के तार उनका स्वागत करते हैं। वैसे तो सर्राफा बाजार और नील गली वाले एरिया में ्रजलभराव, गंदगी और जाम भी समस्या है, लेकिन जर्जर खंभों पर झूलते बिजली के तार यहां की मुख्य समस्या हॅैं।
नहीं हो रहा सुधार
सर्राफा बाजार में रोजाना हजारों ग्राहकों की आवाजाही रहती है, लेकिन बिजली व्यवस्था आज भी इन्ही जर्जर खंभों पर टिकी है। इस कारण यहां आए दिन यहां बिजली के तारों में स्पार्किंग, तारों का टूटना और पॉवर कट हो जाता है। यही नहीं, बिजली के झूलते तार हादसों का कारण भी बनते हैं। आज तक इस समस्या का कोई निदान नहीं हो सका है।

सिर्फ फाइलों में बना प्रपोजल
गौरतलब है कि शहर को तारों के जाल से मुक्ति दिलाने के लिए बीते साल पीवीवीएनएल ने योजना बनाई थी। इसके तहत शहर में 954 किमी क्षेत्र में विद्युत लाइन को अंडरग्राउंड बनाने का प्रपोजल था। इसके तहत सराफा बाजार, नील गली, सोना चांदी मार्केट, वकील गली आदि क्षेत्रों को प्रमुखता से शामिल किया गया था। यहां विद्युत तारों को भूमिगत करने की मांग एक दशक से भी अधिक समय से चली आ रही है। बावजूद इसके, अभी कोई सार्थक कार्रवाई नहीं हो सकी है।

नहीं लग सके ट्रांसफॉर्मर
इसके साथ ही सर्राफा बाजार में ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्घि का भी प्रस्ताव पास हो चुका है। यहां 25 केवी के 3 ट्रांसफार्मर भी लगाए जाने हैं। लेकिन ट्रांसफार्मर के लिए भी योजना अभी फाइलों तक सीमित है। ऐसे में क्षमता वृद्धि ना होने के कारण इन बिजली के तारों पर ही लोड अधिक रहता है जो कि गर्मियों के मौसम में हादसों का कारण बनता है।

इन इलाकों में होना था कार्य
नील गली, सर्राफा बाजार, शीश महल, डालमपाड़ा, कबाड़ी बाजार, सराय लाल दास, मकसूद अली चौक, घंटाघर, कोटला, अनाज मंडी, कागजी बाजार, प_ा मोहल्ला, किशन पुरी, दालमंडी, पूर्वा महावीर, केसरगंज, जलीकोठी

सराफा बाजार में बिजली का तारों का जाल इस तरह जगह जगह झूल रहा है कि राहगीरों की गर्दन तक में फंस जाता है। कई बार मांग की गई इन तारों को भूमिगत करने की लेकिन योजना तक आश्वासन सीमित है।
- प्रदीप अग्रवाल, महामंत्री बुलियन एसोसिएशन

हम पिछले दस साल से विद्युत तारों का यहां भूमिगत करने की मांग करते आ रहे थे। गत वर्ष भी सर्वे के दौरान बताया गया था कि बजट मिल चुका है जल्द बिजली के तारों का जाल भूमिगत होगा लेकिन अभी तक नही हुआ।
- मनोज गर्ग, कोषाध्यक्ष बुलियन एसोसिएशन

सर्राफा बाजार, नील गली, वैली बाजार में अंडर ग्राउंड लाइन के लिए सर्वे हो चुका है। जल्द इस योजना पर काम शुरु किया जाएगा।
- राजेंद्र बहादुर, अधीक्षण अभियंता